सिंगरौली शहर में जल गंगा संवर्धन अभियान की जुड़वां तालाब से हुई शुरुआत

सिंगरौली शहर में जल गंगा संवर्धन अभियान की जुड़वां तालाब से हुई शुरुआत

जल का संचय और संवर्धन हर एक नागरिक की जिम्मेदारी,जनप्रतिनिधि भी अभियान का करेंगे नेतृत्व – विधायक

सिंगरौली

प्रदेश सरकार के निर्देश पर पूरे मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान का संचालन किया जाना है जो 30 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून तक संचालित किया जायेगा जिसके निर्देशानुसार शहरी क्षेत्र में अभियान के संचालन हेतु जुड़वां तालाब में संगोष्ठी का आयोजन किया गया और तालाब की सफाई हेतु श्रमदान किया गया।
जनप्रतिनिधियों में वार्ड 40 पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल ने जल की बचत करने एवं अपने दैनिक क्रियाकलापों में जल का अपव्यय ना करने की बात कही,निगमाध्यक्ष देवेश पांडेय ने सामूहिक रूप से अभियान को गति देने की बात कही,विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह ने प्रत्येक स्तर पर नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर बल दिया,पूर्व विधायक देवसर सुभाष वर्मा ने पंचायतों में हुए प्रयासों का उदाहरण देते हुए शहर में भी उसे लागू करने की बात कही तो वहीं महापौर रानी अग्रवाल ने वार्ड स्तर कर टीम गठित करके प्रत्येक जल स्रोत का संवर्धन करने हेतु नगर निगम के प्रत्येक नागरिक को साथ लेने की बात कही।
सिंगरौली विधायक राम निवास शाह ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार जमीनी स्तर पर जल संचय का कार्य कर रही है जिसमें पीडब्ल्यूडी द्वारा रोड के प्रत्येक एक एक किलोमीटर के अंतराल में वाटर हार्वेस्टिंग करने जैसे उदाहरण शामिल होंगे वहीं सिंगरौली शहर में आदर्श स्वरूप में बने जुड़वां तालाब के तर्ज पर प्रत्येक जल स्रोत का उन्नयन करने की बात कही और पूरे अभियान में नागरिकों के व्यवहार परिवर्तन सहित जनभागीदारी के नेतृत्व करने पर सहमति जताई।

नगर निगम आयुक्त द्वारा अधिकारियों  को बैठक कर दी गई है जिम्मेदारी –
1. प्रभारी अधिकारी एवं ईजीआईएस- अमृत 2.0 योजनांतर्गत प्रचलित जल संरचनाओं के उन्नयन का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर इस अभियान में पूर्ण कराया जाए।
2. उपायुक्त/स्वास्थ्य अधिकारी – अमृत 2.0 योजना अंतर्गत नगरीय निकाय में चयनित जल संरचनाओं के अतिरिक्त यदि कोई नदी,झील, कुआं,तालाब,बावड़ी इत्यादि उपलब्ध है,जिसमें पुनर्जीविकरण/संरक्षण की आवश्यकता है तो इन संरचनाओं का उन्नयन कार्य स्थानीय,सामाजिक,अशासकीय संस्थाओं एवं जनभागीदारी के माध्यम से कराया जाए।
3. सहायक यंत्री/उपयंत्री – जल संरचनाओं में मिलने वाले गंदे पानी के नाले/नालियों स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अंतर्गत क्रियान्वित लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के माध्यम से डायवर्सन के उपरांत शोधित कर जल संरचनाओ में छोड़ा जाए।
4. सहायक यंत्री/उपयंत्री – जल संरचनाओं के चयन के साथ साथ इनके जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के परिणाम संयोजित (आउटकम लिंक्ड) उद्देश्य जैसे : जल प्रदाय,पर्यटन,भू जल संरक्षण,मत्स्य पालन,सिंघाड़ा के उत्पादन हेतु प्रोत्साहित किया जाए तथा जलीय जैव विविधता बढ़ाने हेतु जल संरचनाओं जल के गुणवत्ता संबंधित आवश्यक उपचार किया जाए।
5. उपयंत्री,सहायक यंत्री एवं एजीस एआरई – जल संरचनाओं के चयन एवं उन्नयन कार्य में जी आई एस तकनीक का उपयोग किया जाए,नगरीय निकाय द्वारा मौके स्थल पर जाकर चिन्हित संरचना की मोबाइल ऐप के माध्यम से जिओ टैगिंग की जाए।
6. सभी सहायक यंत्री – शहरी क्षेत्रों या टाउनशिप के बिगड़े बाग बगीचों को चिन्हांकित कर उनका हरित विकास करना।
7. उपायुक्त – गर्मियों में पेयजल सुविधा हेतु सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था करना तथा आसपास छांव की व्यवस्था किया जाए।
8. प्रभारी अधिकारी जल प्रदाय – नगरीय निकाय में जल संग्रहण संरचनाओं का संवर्धन किया जाना।
9. वार्ड 43 के उपयंत्री एवं सहायक यंत्री – नगरीय निकाय में हरित क्षेत्र का विकास करना।
10. एजीस एआरई – एक्यूफर मैनेजमेंट प्लान तैयार करना।
11. भवन अधिकारी – रेन हार्वेस्टिंग प्रणाली लागू करना।
12. प्रभारी अधिकारी जल प्रदाय – घरों और सार्वजनिक स्थलों पर उपयोग किए जा रहे पानी के अपव्यय को रोकने के लिए आवश्यक उपाय जैसे : पाइप लाइनों तथा नलों के लीकेज को सुधारना और टूटे हुए नलों को बदलना।

 कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सिंगरौली विधायक राम निवास शाह ,पूर्व विधायक देवसर  सुभाष वर्मा,नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडेय,महापौर रानी अग्रवाल,विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह,वार्ड 40 पार्षद सीमा जायसवाल,वार्ड 12 पार्षद संतोष शाह,वार्ड 19 पार्षद आशीष बैस,वार्ड 21 पार्षद कमलेश वर्मा,वार्ड 38 पार्षद अनिल बैस,नगर पालिक निगम से उपायुक्त आर पी बैस,अभियान के नोडल अधिकारी संतोष पांडेय,एसडीओ एस एन द्विवेदी,स्वच्छता निरीक्षक संतोष तिवारी सहित अधिकारी कर्मचारी, समाजसेवी संगठन के सदस्य,सफाई मित्र उपस्थित रहे एवं कार्यक्रम का संचालन आईईसी मैनेजर आशीष शुक्ला द्वारा किया गया।

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