केंद्रीय मंत्री ने बजाया ढोल, आदिवासियों के साथ जमकर नाचे सिंधिया

गुना
 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज गुना के दौरे पर रहे। उन्होंने बमोरी में जनसुनवाई (Public Hearing) आयोजित की, जहां उन्होंने लोगों की समस्याएं सुन उसका समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी मौजूद रहे। इसके बाद वे डिगडोली गांव पहुंचे। जहां आयोजित दाग महोत्सव और होली मिलन समारोह में उन्होंने आदिवासी नृत्य किया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया आज बमोरी में जनसुनवाई की। जिसमें उन्होंने जनता का दरबार लगाया और उनकी समस्याओं को सुना। इसके साथ ही उस समस्या का निराकरण के निर्देश दिए। इसके बाद वे डिगडोली गांव में आयोजित फागोत्सव में भाग लिया। जहां उन्होंने आदिवासी नृत्य कर ढोल भी बजाया। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों के साथ फूलों की होली खेली।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। जिन्होंने मंत्री को अपने बीच पाकर खुशी जाहिर की। फागोत्सव में सिंधिया की भागीदारी से आदिवासी समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला।

admin

Related Posts

बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी की शुरुआत

बलौदा बाजार. बलौदाबाजार में राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी की शुरआत हुईं जो इसे शहरी पहचान दिलाएगी। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु…

नर्मदा नदी के घाटों पर तैयार होंगे पानी पर तैरते हुए अस्पताल

भोपाल. मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के घाटों पर फ्लोटिंग अस्पताल शुरू कर नदी एम्बुलेंस का विस्तार किया जाएगा। इससे घाट पर आने वाले तीर्थयात्रियों, परिक्रमावासियों, आगंतुकों और स्थानीय निवासियों…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी