मध्यप्रदेश में नए वित्तीय वर्ष से कई बदलाव होने जा रहे, इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा, कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

भोपाल
 01 अप्रैल 2005 यानी मंगलवार से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है. नए वित्तीय वर्ष से टैक्स और बैंक से जुड़े कई नियम बदलने जा रहे हैं. मध्यप्रदेश में भी कई नए बदलाव 01 अप्रैल से होने जा रहे हैं. इन बदलावों से प्रदेश के कर्मचारी वर्ग से लेकर छात्र तक प्रभावित होंगे. आम आदमी पर इन बदलावों का सीधा असर पड़ने वाला है. ये असर आम आदमी की जेब का भार बढ़ाएगा. वहीं, कर्मचरियों को वेतनवृद्धि होने जा रही है.

अब ज्यादा देना होगा टोल टैक्स

भोपाल से इंदौर की यात्रा करने पर वाहन चालकों को टोल टैक्स के रूप में अब ज्यादा राशि देनी होगी. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 01 अप्रैल से टोल की दरों को बढ़ा दिया है. इससे भोपाल से इंदौर-देवास बायपास, मांगलिया और इंदौर-अहमदाबाद रोड से गुजरना महंगा हो जाएगा. अब कार चालकों को 100 रुपए का भुगतान करना होगा, जबकि अभी तक सिर्फ 65 रुपए का भुगतान करना होता था. इसी तरह टैक्सी, मिनी बस और लाइट मोटर व्हीकल को 160 रुपए का भुगतान करना होगा, अभी 105 रुपए देने होते थे.

बिजली बिल का झटका भी लगेगा

मध्य प्रदेश के लोगों की जेब पर भार 01 अप्रैल से बढ़ने जा रहा है. विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में 3.46 फीसदी की औसत वृद्धि को मंजूरी दे दी है. अब यह बढ़ी हुई बिजली दरें 01 अप्रैल से लागू होने जा रही हैं. इस तरह मई माह में आना वाला बिजली बिल बढ़ी हुई दरों के साथ ही आएगा. उधर, ऐसे बिजली उपभोक्ता जो प्रदेश में स्मार्ट मीटर का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें बिजली दरों में राहत मिलेगी. सौर ऊर्जा अवधि के दौरान बिजली शुल्क में 20 फीसदी की छूट उपभोक्ताओं को मिलेगी. विद्युत नियामक आयोग ने लो टेंशन और हाई टेंशन के मामले में उपभोक्ताओं को न्यूनतम शुल्क में राहत दी है.

कर्मचारियों की जेब में आएगा पैसा

मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 01 अप्रैल से बड़ा लाभ होने जा रहा है. कर्मचारियों को 01 अप्रेल से सातवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा. इस वजह से अब बढ़ा हुआ पैसा कर्मचारियों की जेब में आएगा. राज्य सरकार ने 01 अप्रैल से सांतवें वेतनमान के हिसाब से महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने का कैबिनेट में निर्णय लिया था. इस वजह से हाउस रेंट के अलावा तमाम मदों में 7 वें वेतनमान के हिसाब से पैसा मिलेगा.

मकान खरीदना होगा महंगा

वहीं, कर्मचारियों का पैसा बढ़ेगा, लेकिन प्रदेश में मकान खरीदना और महंगा हो जाएगा. 01 अप्रैल से प्रदेश में जमीनों की कीमतों में बढोत्तरी हो गई है. भोपाल में जमीन की कीमतों में 14 फीसदी और इंदौर में 30 फीसदी तक कीमतें बढ़ गई हैं. उधर, अब प्रदेश में रजिस्ट्रियां और स्टांप सिर्फ संपदा 2 पोर्टल पर ही होंगे. 01 अप्रैल से संपदा 1 पोर्टल को बंद किया जा रहा है. संपदा 2 पोर्टल पर पंजीयन और संपत्ति को सर्च करना आसान हो जाएगा.

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