पीएम मोदी को खून से पत्र लिखा, वक्फ की जमीन पर कॉलेज और अस्पताल बनाने की मांग

 मथुरा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खून से पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि वक्फ की जमीन पर कॉलेज और अस्पताल बना दिए जाएं।

दिनेश फलाहारी ने खून से लिखा है कि 1947 में हिंदुओं के लिए हिंदुस्तान दिया गया था और मुसलमानों के लिए जिन्ना ने  पाकिस्तान मांग लिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने हिंदुओं को हमेशा ठगने का काम किया है। कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड बनाकर हिंदुस्तान की बेशकीमती जमीन मुसलमानों को दे दी। आगे लिखा है कि आप हिंदुओं के गौरव हैं, आपसे ही उम्मीद बची है। वक्फ बोर्ड की इस अवैध संपत्ति की जांच करा कर इस पूरी संपत्ति को कॉलेज, अस्पताल और पुलिस क्वार्टर के लिए दे दी जाए, जिससे जन समुदाय उसका लाभ उठा सके।

उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति वक्फ बोर्ड का समर्थन करता है, वह देश विरोधी है। उन पर देशद्रोह की कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए, जिससे ये लोग पाकिस्तान में मजार और मस्जिद बना सकें और भाईचारा कायम कर सकें। ऐसे लोगों का हिंदुस्तान में कोई काम नहीं है। दिनेश फलाहारी ने पीएम मोदी को ट्वीट करके यह पत्र भेज दिया है।

बता दें यह वही दिनेश फलाहारी हैं, जिन्होंने तीन वर्ष पहले प्रण लिया था कि जब तक मथुरा वाली मस्जिद, श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से नहीं हट जाएगी, तब तक वह भोजन ग्रहण नहीं करेंगे। आज तक वे बिना भोजन के ही रह रहे हैं और जहां भी जाते हैं, नंगे पैर ही जाते हैं।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति