सारी जमीनें हड़प ली गईं, लालू ने साल 2010 में संसद में वक्फ के खिलाफ कानून बनाने की मांग की थी

नई दिल्ली
मोदी सरकार बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 लेकर आई है। एनडीए के सांसद जहां इस बिल के समर्थन में है तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर बिल का विरोध कर रहा है। कांग्रेस के अलावा, आरजेडी, टीएमसी समेत तमाम दलों ने बिल लाने पर सरकार की आलोचना की है। इन सबके बीच, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे वक्फ के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। लालू ने साल 2010 में संसद में वक्फ के खिलाफ कानून बनाने की मांग की थी।

वीडियो में लालू प्रसाद यादव संसद में कहते हुए दिख रहे हैं, ''कड़ा कानून बनाना चाहिए। सारी जमीनें हड़प ली गई हैं। चाहे सरकारी हो या कोई और। पटना के डाक बंगला पर जितनी प्रॉपर्टी थी, इन सब पर अपार्टमेंट बना लिया गया है। लूट हुई है। बिल लेकर आइए, इसे हम लोग पास कर देंगे। आगे से कड़ाई से प्रक्रिया बनानी चाहिए।'' बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी लालू यादव का यह वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा, ''लालू यादव जी ने 2010 में संसद में स्वीकार किया था कि वक्फ बोर्ड में जमीन कब्जा के नाम पर भारी लूट-पाट चल रहा है।''

इसके अलावा, एनडीए के कई अन्य नेताओं ने भी यह वीडियो शेयर किया है। जीतन राम मांझी ने भी वीडियो शेयर करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा, ''वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध कुछ लोग सिंर्फ इसलिए कर रहें हैं क्योंकि यह कानून नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ला रही हैं। वैसे 2010 में लालू प्रसाद यादव जी ने वक्फ के कड़े कानून बनाए जाने की बात कही थी। मेरा INDI गठबंधन वालों से आग्रह है कि लालू जी के बातों को ध्यान से सुनें और सदन में वक्फ संशोधन बिल 2025 के पक्ष में मतदान करें।''

लोकसभा में वक्फ बिल पेश
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को चर्चा और पारित कराने के लिए पेश करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने वक्फ कानून में बदलावों के जरिये इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था, इसलिए इसमें नये संशोधनों की जरूरत पड़ी। रीजीजू ने सदन में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने उन मुद्दों पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की, जो वक्फ विधेयक का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने विधेयक को लेकर विपक्षी दलों द्वारा जताई जा रही चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि सरकार किसी भी धार्मिक संस्था में हस्तक्षेप नहीं करने जा रही। उन्होंने कहा, ''यूपीए सरकार ने वक्फ कानून में बदलावों के जरिए इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था, इसलिए इसमें नये संशोधनों की आवश्यकता पड़ी।''

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति