मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर किया नमन

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के गौरव और हिन्दी पत्रकारिता के पुरोधा, राष्ट्रकवि पं. माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी लेखनी ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त किया। पुष्प की अभिलाषा, सिपाही, सागर खड़ा बेड़ियाँ तोड़े… जैसी उनकी अनेक कालजयी कृतियां भावी पीढ़ियों को त्याग एवं देशभक्ति के लिए अनुप्रेरित करती रहेंगी।

पं. माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल 1889 को बाबई (नर्मदापुरम) में हुआ, जिसे अब उनके नाम पर माखननगर के नाम से जाना जाता है। पं माखनलाल चतुर्वेदी “कर्मवीर” और “प्रभा” के प्रतापी संपादक तथा राष्ट्रीय काव्यधारा के उन्नायक रहे। उन्हें सागर विश्वविद्यालय से वर्ष 1959 में डी.लिट. की मानद उपाधि से विभूषित किया है। इसके साथ ही वर्ष 1955 में काव्य संग्रह हिमतरंगिणी के लिए “साहित्य अकादमी पुरस्कार और भारत सरकार से वर्ष 1963 में उन्हें पद्मभूषण से अलंकृत किया गया। पं. चतुर्वेदी का 30 जनवरी 1968 को अवसान हुआ। भोपाल में पं माखनलाल चतुर्वेदी के नाम से राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय स्थापित है।

 

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