कंधे के दर्द काे दूर करने के ल‍िए अपनाएं ये तरीके

आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग अपनी सेहत का ख्‍याल नहीं रख पा रहे हैं। न समय पर खाना हो पाता है और न ही सोना। लोग ऑफ‍िस में घंटों बैठकर काम करते हैं। इससे उन्‍हें कई तरह की समस्‍याएं हो सकती हैं। ऐसे में हमें थकान घेरे रहती है। जोड़ाें में दर्द होने लगता है। इनमें से एक आम समस्‍या है, और वो है कंधों का दर्द होना। आज के समय में ज्‍यादातर लोग कंधों के दर्द से परेशान हैं। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और कभी-कभी इतना तेज कि रोजमर्रा के कामों को करना भी मुश्किल हो जाता है।

अगर आप भी कंधों के दर्द से परेशान हैं तो हम आपको इसके पीछे का कारण बताने जा रहे हैं। इस लेख में हम ये भी जानेंगे क‍ि इस भयंकर दर्द से छुटकारा कैसे पाया जा सकता है। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से-

गलत मुद्रा में बैठना
अगर आप लंबे समय तक झुककर बैठते हैं या फ‍िर गलत तरीके से सोते हैं तो इससे कंधे की मांसपेशियों पर तनाव पड़ता है। यही कारण है क‍ि कंधों में दर्द शुरू हो जाता है।

भारी सामान उठाना
अगर आप जरूरत से ज्‍यादा भारी सामान उठाते हैं तो इससे भी कंधे की मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है, जिससे दर्द हो सकता है। आपको भारी सामान उठाते समय ध्‍यान देने की जरूरत है।

फ्रोजन शोल्डर
जब कंधे के जोड़ के आसपास के कनेक्टिव टिश्यू (जो एक अंग को दूसरे अंग से जोड़ने का काम करते हैं) ठोस, संक्रमित और जाम हो जाते हैं, तो इससे भी कंधों को मूव करने में दर्द होने लगता है। इसे फ्रोजन शोल्डर के नाम से जाना जाता है।

गठिया
बढ़ती उम्र के साथ-साथ गठिया की समस्या हो सकती है, जिससे जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। ऐसे में कंधों में दर्द होने का आम कारण गठ‍िया भी हो सकता है।

कंधे के दर्द से ऐसे पाएं राहत
    गर्म और ठंडी सिकाई करें। दरअसल, बर्फ की सिकाई से सूजन कम होती है और दर्द में राहत मिलती है। वहीं गर्म पानी की सिकाई से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
    हल्के कंधे घुमाने वाले व्यायाम करने से जकड़न कम होती है। नियमित रूप से योग और स्ट्रेचिंग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
    सरसों या नारियल के तेल से मालिश करने से भी मसल्‍स को आराम मिलता है। हालांक‍ि मसाज के लिए किसी एक्‍सपर्ट की मदद लें।
    कंप्यूटर पर काम करते समय पीठ और गर्दन को सीधा रखें।
    अगर दर्द लगातार बना रहता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

 

  • admin

    Related Posts

    चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

    कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

    AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

    नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति