वित्तीय वर्ष 2025-26 में भूमि संबंधी नई गाइड लाइन लागू हो गई, भू-अभिलेख पोर्टल अभी भी नहीं हुआ लिंक

 शहडोल
 वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 अप्रेल से जिले में भूमि संबंधी नई गाइड लाइन लागू हो गई है। नई गाइड लाइन जारी होने के तीन दिन बाद भी रजिस्ट्री का कार्य प्रभावी ढ़ंग से शुरु नहीं हो पाया है। इसकी प्रमुख वजह सर्वर व भू-अभिलेख संबंधी पोर्टल लिंक न होने को बताया जा रहा है। गुरुवार दोपहर से सर्वर तो चालू हो गया है, लेकिन भू-अभिलेख संबंधी समस्या अभी बनी हुई है। ऐसे में पंजीयन विभाग में तीन दिन से सभी काम प्रभावित हैं। विभागीय अधिकारी कर्मचारियों का कहना है कि भू- अभिलेख संबंधी पोर्टल शुरु होने के साथ ही दस्तावेज का कार्य भी प्रारंभ हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि भूमि दस्तावेज संबंधी सभी कार्य 1 अप्रेल से प्रभावी रूप से संपदा 2.0 साफ्टवेयर में होना है। इसके लिए नई गाइड लाइन अपडेट करने के साथ ही मेंटेनेंस सहित अन्य कार्य की वजह से समस्या बनी हुई है। पुर्व में जो नक्शा खसरा निकाले गए थे उनके आधार पर दस्तावेज हो रहे हैं।

नहीं हो पा रही स्लॉट बुकिंग
स्लॉट बुकिंग के बाद ही भूमि संबंधी दस्तावेज के कार्य होने है। भू-अभिलेख संबंधी पोर्टल लिंक न होने से सर्विस प्रोवाइडर स्लॉट बुक नही कर पा रहे हैं। इससे रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित हैं। भूमि संबंधी सभी जानकारी अपडेट करने के बाद ही स्लॉट बुकिंग होगी।

ऑनलाइनहोगी सभी प्रक्रिया
जिले में 1 अप्रेल से संपदा 2.0 साफ्टवेयर पूरी तरह से प्रभावी हो गया है। इस साफ्टवेयर के माध्यम से भूमि दस्तावेज संबंधी सभी कार्य ऑनलाइन होने हैं। नए साफ्टवेयर में खसरा नंबर डालते ही भूमि संबंधी सभी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए अलग से दस्तावेज खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। रजिस्ट्री होने के बाद इसकी पीडीएफ तुरंत संबंधित व्यक्ति को मेल या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उपलब्ध हो जाएगी। संपदा 2.0 से दस्तावेज संबंधी कार्य आसान हो जाएंगे। इससे विभागीय अधिकारी कर्मचारियों के साथ ही दस्तावेज कराने वालों को भी काफी सहूलियत मिलेगी।

रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित
पिछले तीन दिन से विभाग में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित है। 31 मार्च के पूर्व जिन लोगों के नक्शा खसरा निकल गए थे उनके दस्तावेज हो रहे हैं। तीन दिन में दो रजिस्ट्री ही हुई हैं। कार्यालय में दस्तावेज संबंधी काम के लिए लोग पहुंचे भी, लेकिन कार्य न होने की वजह से वह वापस लौट गए। गुरुवार की दोपहर पंजीयन विभाग में सन्नाटा पसरा रहा। दो तीन लोग ही बाहर बैठे रहे और कुछ देर बाद वापस लौट गए।

इनका कहना है
सर्वर शुरु हो गया है, नक्शा खसरा पहले निकाल लिए गए थे, उनके दस्तावेज शुरु हो गए हैं। भू-अभिलेख संबंधी पोर्टल लिंक न होने की वजह से रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित है।
अभिषेक सिंह बघेल, प्रभारी जिला पंजीयक शहडोल

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