भोपाल रेलवे स्टेशन पर मध्यप्रदेश के पहले ‘पॉड कॉन्सेप्ट रिटायरिंग रूम’ का हुआ भव्य शुभारंभ

भोपाल रेलवे स्टेशन पर मध्यप्रदेश के पहले ‘पॉड कॉन्सेप्ट रिटायरिंग रूम’ का हुआ भव्य शुभारंभ

यात्रियों को मिलेगी आधुनिक, सुरक्षित और किफायती ठहराव की सुविधा

भोपाल
 आज भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 पर मध्यप्रदेश के पहले  ‘पॉड कॉन्सेप्ट रिटायरिंग रूम’ का भव्य शुभारंभ माननीय सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा के द्वारा किया गया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि यह सुविधा भोपाल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन गुजरने वाले लगभग 70,000 यात्रियों की विश्राम की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। पॉड स्टाइल होटल यात्रियों को कम खर्च में उच्चस्तरीय आराम, सुरक्षा और सुविधा उपलब्ध कराएगा। इस अत्याधुनिक होटल का संचालन भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा किया जाएगा।

क्या है पॉड स्टाइल होटल?
यह एक आधुनिक अवधारणा है जिसमें यात्रियों को एक छोटे केबिन (पॉड) के रूप में निजी स्थान दिया जाता है। हर पॉड में सोने, सामान रखने, चार्जिंग, मनोरंजन (टीवी), वाई-फाई, मेकअप मिरर, और एसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए उपयोगी है जो कुछ घंटों के लिए रुकना चाहते हैं या ट्रेन बदलने के इंतजार में हैं।

इस पॉड होटल में उपलब्ध सुविधाएं –
एसी युक्त पॉड
हाई-स्पीड वाई-फाई
चार्जिंग पॉइंट
टॉयलेट (पुरुष व महिला अलग-अलग)
गीजर युक्त गर्म पानी
टीवी और मेकअप मिरर
सीसीटीवी निगरानी
लॉकर व लगेज रूम
दमकल सुरक्षा व्यवस्था

कुल पॉड्स की संख्या: 78
फैमिली पॉड्स: 20
मल्टी बेड पॉड (पुरुष): 40
मल्टी बेड पॉड (महिला): 18

चार्जेज:
 पॉड होटल की दरें यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए काफी किफायती रखी गई हैं। मल्टी बेड पॉड्स की शुरुआती दरें मात्र ₹200 से शुरू होती हैं, जबकि फैमिली पॉड्स के लिए शुरुआती दर ₹400 निर्धारित की गई है। समय के अनुसार दरें बढ़ती हैं, जिससे यात्री अपनी आवश्यकता अनुसार समय और पॉड का चयन कर सकते हैं।

बुकिंग की सुविधा: यात्रियों के लिए ऑनलाइन (IRCTC वेबसाइट) और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। बुकिंग के लिए पीएनआर नंबर अनिवार्य होगा।

यह सुविधा किन यात्रियों के लिए है उपयोगी?
कुछ घंटे रुकने वाले यात्रियों के लिए
ट्रेन बदलने या लेट ट्रेन की स्थिति में
परिवार सहित यात्रा कर रहे लोगों के लिए

किफायती और सुरक्षित विश्राम की तलाश करने वालों के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन पर पॉड कॉन्सेप्ट होटल की यह शुरुआत भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई एक सराहनीय पहल है, जो भविष्य में अन्य स्टेशनों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी।

इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक भोपाल श्री देवाशीष त्रिपाठी , अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वय श्रीमती रश्मि दिवाकर एवं श्री योगेन्द्र बघेल,वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, भोपाल श्री सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता, भोपाल श्री संजय मनोरिया, मंडल अभियंता (मुख्यालय) श्री श्याम नागर,क्षेत्रीय प्रबंधक, IRCTC श्री आर. भट्टाचार्य, संयुक्त महाप्रबंधक / पर्यटन, IRCTC श्री राजेन्द्र बोरबन मौजूद रहे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति