रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे से हिंद महासागर पोत ‘सागर’ को हरी झंडी दिखाई

नई दिल्ली  
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे से हिंद महासागर पोत ‘सागर’ को हरी झंडी दिखाई और कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में मुक्त नौवहन, नियम आधारित व्यवस्था और शांति सुनिश्चित करना भारत का सबसे बड़ा उद्देश्य है. रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण करवार नौसैनिक अड्डे पर लोगों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की तैनाती सिर्फ हमारे लिए नहीं बल्कि मित्र देशों के लिए भी है.’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का प्रयास हिंद महासागर क्षेत्र को और अधिक शांतिपूर्ण एवं समृद्ध बनाना है.

राजनाथ सिंह को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
इससे पहले सिंह ने नौसैनिक अड्डे पर विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया. केंद्रीय मंत्री दोपहर लगभग एक बजे नौसैनिक अड्डे पर पहुंचे, जहां उन्हें परेड ग्राउंड में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया. रक्षा मंत्री एक सैन्य हेलीकॉप्टर से प्रमुख अड्डे पर उतरे और वह यहां कई कार्यक्रम में शामिल होंगे.

नौसेना परियोजना ‘सीबर्ड’ के तहत महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डे का विस्तार कर रही है. रक्षा मंत्री के कार्यालय ने शनिवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हिंद महासागर पोत ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के रूप में आईएनएस ‘सुनयना’ को हरी झंडी दिखाएंगे जिस पर 44 कर्मी सवार हैं.’’ इसने इस पोस्ट में एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें इस मिशन के तहत जमीन और समुद्र दोनों पर आयोजित प्रशिक्षण चरणों को दर्शाया गया है.

समंदर में बढ़ेगी भारत के दुश्मनों की टेंशन
रक्षा मंत्री कार्यालय ने लिखा, ‘‘आईओएस ‘सागर’ हिंद महासागर क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, यह अपने समुद्री पड़ोसियों के साथ मजबूत संबंध बनाने और हिंद महासागर क्षेत्र में अधिक सुरक्षित एवं समावेशी समुद्री वातावरण की दिशा में काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगा.’’ हिंद महासागर पोत (आईओएस) ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) आईओआर देशों के साथ निरंतर सहयोग की दिशा में एक पहल है.

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