शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी के चलते परीक्षाएं रद्द, असम में बिना पास हुए 12वीं में जाएंगे छात्र?

असम
असम में 11वीं क्लास की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. असम राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड (ASSEB) द्वारा 2025 के लिए बची हुई हायर सेकेंडरी (HS) फर्स्ट ईयर की परीक्षाएं यानी कक्षा 11 की परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की है. यह फैसला आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर लिया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक चुनाव ड्यूटी में लगेंगे. असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने पुष्टि की कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कई शिक्षक चुनाव ड्यूटी में शामिल होंगे, जिससे स्कूलों के लिए निर्धारित परीक्षाएं जारी रखना मुश्किल हो जाएगा. चुनाव प्रक्रिया 20 मई 2025 तक जारी रहेगी और शिक्षक तैयारी से लेकर ट्रेनिंग और मतगणना तक काम करेंगे. असम बोर्ड ने एक बयान में कहा, "चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले संस्थानों के लिए परीक्षाएं आयोजित करना बहुत मुश्किल होगा." चुनाव के बाद की परीक्षाओं को प्रभावी ढंग से आयोजित करेंगे तो काफी देर हो जाएगी.
 
11वीं में बिना पास हुए 12वीं में जाएंगे छात्र
हालांकि मार्च 2025 की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. बोर्ड के नए निर्देश के अनुसार, मार्च 2025 की परीक्षा में बैठने वाले छात्र हमेशा की तरह 2026 में एचएस फाइनल (12वीं) परीक्षा में बैठ सकेंगे.

पंचायत चुनाव कार्यक्रम
असम राज्य चुनाव आयोग ने 27 जिलों में दो चरणों में पंचायत चुनाव निर्धारित किए हैं. 2 मई 2025 को तिनसुकिया, डिब्रूगढ़ और कछार सहित 14 जिलों में पहले चरण के मतदान होंगे, जबकि दूसरे चरण के मतदान 7 मई 2025 को धुबरी, कामरूप और नागांव समेत 13 जिलों में होंगे. 25,007 मतदान केंद्रों पर 1.80 करोड़ से अधिक मतदाताओं के मतदान करने की उम्मीद है. नामांकन प्रक्रिया 3 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें 12 अप्रैल को जांच और 17 अप्रैल को अंतिम नाम वापसी की तिथि तय की गई है. दोनों चरणों के लिए मतगणना 11 मई 2025 को निर्धारित की गई है.

छात्रों को दिए जाएंगे रद्द हुए विषयों के क्वेश्चन पेपर
जिन स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए अच्छी तैयारी की है और अब सेल्फ असेसमेंट करना चाहते हैं, बोर्ड उन छात्रों को रद्द किए गए विषयों के क्वेश्चन पेपर उपलब्ध कराएगा. इससे छात्र स्टडी और प्रैक्टिस कर सकते हैं. छात्रों को ये क्वेश्चन पेपर उनके संबंधित स्कूल से ही प्राप्त करने होंगे. हालांकि, समय से पहले प्रश्नपत्र पैकेट खोलने के लिए जांच के दायरे में आने वाले स्कूलों को इन सामग्रियों तक पहुंचने की अनुमति नहीं है. छात्रों और शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की किसी भी घोषणा के लिए आधिकारिक वेबसाइट या चैनलों पर नजर बनाए रखें.

 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति