नया पोर्टल हुआ लॉन्च, अब बिल्डर देश के किसी भी हिस्से का रहने वाला हो, उसे स्टेटस रिपोर्ट रेरा को देनी होगी

देहरादून
नया पोर्टल सिर्फ नियमों का ऑनलाइन पालन ही नहीं कराएगा, बल्कि बिल्डर्स की कुंडली भी खंगालेगा। अब बिल्डर देश के किसी भी हिस्से का रहने वाला हो, उसे पिछले पांच साल की स्टेटस रिपोर्ट रेरा को देनी होगी। लंबी कवायद के बाद उत्तराखंड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण (यूके रेरा) ने भवन खरीदारों के लिए अपना नया पोर्टल लॉन्च कर दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) के सहयोग से लॉन्च इस पोर्टल पर भवन खरीदारों को सभी परियोजनाओं के बारे में नई जानकारियां मिलेंगी। खासकर परियोजनाओं का तिमाही ऑनलाइन अपडेट पोर्टल पर प्रदर्शित होगा।

नया पोर्टल सिर्फ नियमों का ऑनलाइन पालन ही नहीं कराएगा, बल्कि बिल्डर्स की कुंडली भी खंगालेगा। अब बिल्डर देश के किसी भी हिस्से का रहने वाला हो, उसे पिछले पांच साल की स्टेटस रिपोर्ट रेरा को देनी होगी। इसमें प्रमोटर्स बताएंगे कि पिछले पांच सालों में उन्होंने कितने हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट बनाए। परियोजनाओं की प्रगति व प्रमोटर्स पर दर्ज मुकदमों आदि के बारे में पूरी जानकारी भी पोर्टल पर देनी होगी। यह कुंडली नए पोर्टल पर उपलब्ध होगी। परियोजना में निवेश से पहले बायर्स प्रमोटर के बारे में सब कुछ जान सकेंगे। इससे बायर्स को संपत्ति बुकिंग का निर्णय लेने में काफी मदद मिलेगी।

अपडेट नहीं देने पर बिल्डर्स पर होगी कार्रवाई
यूके रेरा लंबे समय से अपने पोर्टल को अत्याधुनिक बनाने का प्रयास कर रहा था। इसमें आने वाले खर्च के कारण यह कार्य प्रभावित हो रहा था। अब उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने रेरा के लिए नया पोर्टल https://ukrera.uk.gov.in/ तैयार किया है। नए पोर्टल पर बिल्डर्स से तिमाही अपडेट प्राप्त करने के लिए खास प्रावधान किया गया है। तिमाही अपडेट नहीं देने वाले बिल्डर्स पर कार्रवाई भी की जाएगी।

नियमों का ऑनलाइन अनुपालन
यूके रेरा के सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि अब नए पोर्टल में बिल्डर्स के लिए नियमों के अनुपालन पर जोर दिया गया है। नियम तो पहले से बने हैं, लेकिन ऑनलाइन तरीके से उनका अनुपालन अब तक नहीं कराया जा पा रहा था। अब प्रोजेक्ट पंजीकरण से लेकर परियोजना में प्रगति तक तमाम नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है।

ले-आउट प्लान हो या राजस्व रिकॉर्ड सब कुछ देख सकेंगे बायर्स
रेरा के सदस्य नरेश सी मठपाल ने बताया कि बिल्डर को पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपने दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा। कॉलोनी के लिए ले-आउट प्लान, सीमांकन योजना, स्वीकृत नक्शे, लाइसेंस नवीनीकरण पत्र, राजस्व रिकॉर्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट से नॉन-डिफॉल्ट का सर्टिफिकेट, ड्राफ्ट अलॉटमेंट लेटर की कॉपी, मसौदा समझौते की प्रति, पर्यावरण मंजूरी, अनुमानित परियोजना लागत रिपोर्ट, एड्रेस प्रूफ कॉपी, कंपनी के निगमन का प्रमाणपत्र सब कुछ ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इसे बायर्स देख सकेंगे।

रेरा पहली बार करेगा बिल्डर्स-बायर्स से साझा चर्चा
रेरा पहली बार देहरादून में 24 अप्रैल को कार्यशाला करने जा रहा है। इसमें प्रमोटर्स, प्रापर्टी एजेंट, आरडब्ल्यूए, बायर्स, अधिवक्ता व चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ चर्चा कर रेरा कानून के पालन को सशक्त बनाने पर जोर देगा। चर्चा से निकले बिंदुओं का रेरा बिल्डर्स से पालन कराएगा।

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