मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक दिन के हनुमानगढ़ दौरे पर , भाखड़ा क्षेत्र के किसानों से करेंगे चर्चा

 
हनुमानगढ़

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 8 अप्रैल को प्रस्तावित हनुमानगढ़ दौरे को लेकर सोमवार को जिले में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी मुस्तैदी दिखाई। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत तथा जिला प्रभारी एवं खाद्य सुरक्षा एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा दो दिवसीय दौरे पर जिले में ही रहे।

जिला कलेक्टर कानाराम एवं एसपी अरशद अली ने नियुक्त किए गए मौका मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों के साथ तैयारियों को लेकर बैठक की। जिला कलेक्टर ने व्यवस्थाओं को समयबद्ध, चौकसी के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री के यात्रा कार्यक्रम अनुसार निरीक्षण किए जाने वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में मौजूद जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत तथा जिला प्रभारी एवं खाद्य सुरक्षा एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने लखूवाली हेड पर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित निरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लखूवाली हेड, घग्घर नदी और डायवर्जन कैनाल का निरीक्षण भी किया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 8 अप्रैल को जयपुर से रवाना होकर भठिंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हरिके बैराज का निरीक्षण कर वे मल्लेवाला हेड, बल्लेवाला हेड, बीकानेर कैनाल, फिरोजपुर फीडर और इंदिरा गांधी नहर का हवाई निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे लोहागढ़ हेड का निरीक्षण कर वे हनुमानगढ़ के लखूवाली हेलीपैड पर पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे लखूवाली हेड, घग्घर डायवर्जन चैनल और घग्घर नदी पुल का निरीक्षण करेंगे। अंत में दोपहर 4 बजे सर्किट हाउस, जंक्शन में भाखड़ा नहर क्षेत्र के किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके पश्चात वे श्री गंगानगर के लिए रवाना होंगे।

प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते 15 महीनों में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में नहरों और खालों का निर्माण करीब 50 वर्ष पूर्व हुआ था, जिनकी मरम्मत की आवश्यकता थी। इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) के खालों के पुनर्निर्माण हेतु 2024 में 1400 करोड़ और 2025 में 1900 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। इससे किसानों को एक-दो अतिरिक्त सिंचाई चक्र का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य सरकार 9000 रुपये प्रतिवर्ष दे रही है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा। साथ ही गेहूं के लिए देश में सबसे अधिक 2575 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।

जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सेम की समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नहरों में जल प्रदूषण रोकने के लिए पंजाब और केंद्र सरकार को पत्र लिखे गए हैं और इस समस्या का समाधान भी शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु बजट में विशेष प्रावधान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

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