संभल हिंसा मामले में सांसद जियार्रहमान बर्क तलब, थाने में तीन घंटे से ज्यादा समय तक एसआईटी ने दागे दर्जनों सवाल

संभल
संभल हिंसा में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क से मंगलवार को एसआईटी ने थाने बुलाकर तीन घंटे तकत पूछताछ की। इस दौरान उनसे दर्जनों सवाल दागे गए। नवंबर में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इसमें चार लोगों की जान चली गई थी। पुलिस ने सांसद जियार्रहमान बर्क के खिलाफ भी इसी मामले में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने आरोप था कि बर्क ने भड़काऊ बयान दिया था। हालांकि हिंसा वाले दिन बर्क शहर में नहीं थे।

पिछलो दिनों बर्क के घर पूछताछ के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। सांसद के मौजूद नहीं होने पर नोटिस घर पर मौजूद लोगों को रिसीव कराई थी। नोटिस के बाद ही मंगलवार सुबह 11 बजे सांसद बर्क नखासा कोतवाली पहुंचे। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुलेमान खान भी मौजूद रहे।

दिल्ली से मंगलवार सुबह संभल पहुंचे सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने नखासा कोतवाली पहुंचने से पहले अपने आवास पर पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि मेरी तबियत ठीक नहीं है, लेकिन मैं देश का जिम्मेदार नागरिक और जन प्रतिनिधि हूं। कानून का सम्मान करता हूं और जांच में पूरा सहयोग करूंगा। वह 11 बजे नखासा कोतवाली पहुंचे। थाने के बाहर उनके समर्थन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मौजूदगी से यह साफ झलका कि सांसद को स्थानीय बार और कानूनी बिरादरी का भी समर्थन है।

संभल हिंसा में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क से मंगलवार को एसआईटी ने थाने बुलाकर तीन घंटे तकत पूछताछ की। इस दौरान उनसे दर्जनों सवाल दागे गए। नवंबर में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इसमें चार लोगों की जान चली गई थी। पुलिस ने सांसद जियार्रहमान बर्क के खिलाफ भी इसी मामले में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने आरोप था कि बर्क ने भड़काऊ बयान दिया था। हालांकि हिंसा वाले दिन बर्क शहर में नहीं थे।

पिछलो दिनों बर्क के घर पूछताछ के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। सांसद के मौजूद नहीं होने पर नोटिस घर पर मौजूद लोगों को रिसीव कराई थी। नोटिस के बाद ही मंगलवार सुबह 11 बजे सांसद बर्क नखासा कोतवाली पहुंचे। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुलेमान खान भी मौजूद रहे।

दिल्ली से मंगलवार सुबह संभल पहुंचे सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने नखासा कोतवाली पहुंचने से पहले अपने आवास पर पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि मेरी तबियत ठीक नहीं है, लेकिन मैं देश का जिम्मेदार नागरिक और जन प्रतिनिधि हूं। कानून का सम्मान करता हूं और जांच में पूरा सहयोग करूंगा। वह 11 बजे नखासा कोतवाली पहुंचे। थाने के बाहर उनके समर्थन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की मौजूदगी से यह साफ झलका कि सांसद को स्थानीय बार और कानूनी बिरादरी का भी समर्थन है।|#+|

थाने के अंदर बर्क से तीन घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ चली। करीब ढाई बजे थाने से बाहर आए बर्क ने कहा कि जांच अभी जारी है। मुझसे जो सवाल पूछे गए, सभी का जवाब दिया है। हालांकि उन्होंने सवालों के बारे में बताने से इनकार कर दिया। इतना कहा कि जांच की प्रक्रिया चल रही है हम पूरा सहयोग कर रहे हैं।

बर्क से ठीक पहले जामा मस्जिद के सदर जफर अली से पूछताछ हुई थी और उन्हें गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने भी बर्क को लेकर कुछ आरोप लगाए हैं। उन आरोपों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है, ताकि निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति