म.प्र. पॉवर जनरेशन कंपनी की ताप विद्युत इकाइयों का 14 बार 100 दिनों से अधिक निरंतर संचालन का नया रिकार्ड

भोपाल
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक और उपलब्धि अपने नाम की है। पॉवर कंपनी की ताप विद्युत इकाइयों ने सतत् व निर्बाध संचालन में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए कुल 14 बार 100 दिनों से अधिक तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड कायम किया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इन इकाइयों ने 13 बार 100 से अधिक दिनों तक निरंतर संचालन में रहने का रिकार्ड बनाया था। यह उपलब्ध‍ि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत इकाइयों की क्षमता व संचालन की विश्वसनीयता का प्रतीक है।

ताप विद्युत इकाइयों की इस ऐतिहासिक सफलता पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सभी ताप विद्युत गृह के इंजीनियरों, तकनीशियनों व संचालन टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता कंपनी की तकनीकी दक्षता और ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है, अपितु यह ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

चचाई की यूनिट ने 300 दिनों का आंकड़ा किया पार

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृह अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर, श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगलिया व सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की इकाइयों ने निरंतर चलने की इस शृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 250 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने लगातार 300 दिनों का आंकड़ा पार कर शानदार प्रदर्शन किया।

तीन यूनिट ने बनाया 200 दिनों से अधिक उत्पादन करने का रिकार्ड

पॉवर जनरेटिंग कंपनी की तीन इकाइयों ने लगातार 200 से अधिक दिनों तक संचालन का आंकड़ा पार किया। इनमें संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 5, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 10 व श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया की 660 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 3 ने 200 दिनों से लगातार विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाया।

100 से 200 दिन तक निरंतर संचालन

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने 181 दिन, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 210 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 2 ने 121 व 115 दिन, इसी विद्युत गृह की 210 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 4 ने 162 दिन और यूनिट नंबर 5 ने 109 दिनों तक सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन किया। श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की 660 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 3 ने 141 व 660 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 4 ने 176 व 100 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन किया। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 10 ने 170 व यूनिट नंबर 11 ने 138 दिनों तक सतत् रूप से विद्युत उत्पादन किया। इनमें से संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 4 व 5, अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 और श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की यूनिट नंबर 3 वर्तमान में भी सतत् विद्युत उत्पादन कर रही हैं।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति