साल 2025 सबसे गरम साल के रूप में याद किया जाएगा! गर्मी पिछले साल के सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी

नई दिल्ली

उत्तर और पश्चिम भारत में इस वक्त आसमानी आफत से लोग परेशान हैं. अप्रैल के पहले हफ्ते में जिस तरह से मई जैसी गर्मी पड़ रही है, उससे लोग हैरान हैं, लोग डरे हुए हैं कि इस बार पिछले साल से भी ज्यादा गर्मी पड़ी तो क्या होगा? आखिर इससे राहत कब मिलेगी? साल 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल माना गया था पिछले साल देश ने 1901 के बाद सबसे ज्यादा गर्मी झेली लेकिन जिस तरह से अप्रैल में ही गर्मी जला रही है उसने बता दिया है कि इस बार गर्मी पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ देगी अब सवाल ये है कि क्या साल 2025 सबसे गरम साल के रूप में याद किया जाएगा?

अप्रैल में ये हाल तो मई-जून में क्या होगा?

उत्तर भारत के अधिकतर शहरों का यही हाल है. गर्मी और लू की वजह से बाहर निकलना मुश्किल है. घर से बाहर जाने से पहले इसी तरह से तैयार होना पड़ता है. गर्मी को लेकर लोगों का एक ही सवाल है कि मई-जून में क्या होगा? कुछ साल पहले तक इन्हीं दो महीनों में इस तरह की गर्मी पड़ती थी लू के थपेड़े झेलने पड़ते हैं लेकिन इस बार अप्रैल में ये सब देखकर लोग हैरान हैं.

दो दिन अभी और सताएगी गर्मी

वैसे तो पूरे उत्तर भारत में गर्मी डराने में लगी है, दिल्ली-एनसीआर वालों की हालत भी खराब है. इस सीजन में ये पहली बार है जब दिल्ली में पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा. दिल्ली में हफ्ते के पहले चार दिन तापमान 40 डिग्री या उसके पार जाने की संभावना है गुरुवार को भी तापमान 40 के पार रहेगा. मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि दिल्ली को लू की श्रेणी में रख सकते हैं.

राजस्थान में यही हाल है. दिन-रात के तापमान ज्यादा है और अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक चला गया है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और NCR के इलाकों में यही कंडीशन है और 2 दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा. दिल्लीवालों के लिए दो दिन गर्मी के लिहाज से बहुत ही भारी रहने वाले हैं यानी कि सोमवार से शुरू हुई भीषण गर्मी गुरुवार तक जारी रहेगी.

 तापमान में गिरावट होने का अनुमान

मौसम विभाग ने 'येलो' अलर्ट के दौरान लोगों को गर्मी की चपेट में आने से बचने के लिए हल्के-फुल्के और हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और अपने सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकने की सलाह दी है.  IMD वैज्ञानिक नरेश कुमार के मुताबिक, इस तरह हफ्ते के आखिरी दिनों में दिल्लीवालों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलेगी. दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में गिरावट होने का अनुमान है.

क्या 2025 बनेगा अब तक का सबसे गर्म साल?

पिछले साल भारत में 536 हीटवेव यानी लू देखी गईं, जो 14 सालों में सबसे ज़्यादा थी. पिछले साल पहली हीटवेव 5 अप्रैल को दर्ज की गई थी, वहीं इस बार सोमवार यानी 7 अप्रैल को इस मौसम में लू का पहला दिन था. चिंता की बात ये है कि देश में इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्मी पड़ने वाली है. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल देश के उत्तर और पश्चिम के राज्यों यानी हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली में लू के दिनों की संख्या दोगुनी होने की आशंका है.

इस बार बढ़ेंगे लू के दिन

आमतौर पर अप्रैल से जून के महीनों में लगातार 5-6 दिन लू चलती है, लेकिन इस बार 10 से 12 दिनों के ऐसे कई दौर आ सकते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि अगर हीटवेव के दिनों की संख्या दोगुनी होती है तो 2025 अब तक का सबसे गर्म साल होगा. ऐसे में पारा सामान्य से 5 डिग्री या इससे भी ज्यादा रह सकता है. तो आगे गर्मी से बड़ी जंग लड़नी अभी बाकी है, जिसका ट्रेलर अप्रैल की शुरुआत में ही दिखने लगा है.

 

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