ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक झटके में किसानों को दिए 30 लाख, जाने क्या है कारण

अशोकनगर
 केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर पहुंचे. जहां उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला. वह यहां चश्मा पहने नजर आए, जो उनके चेहरे पर काफी स्टाइलिश दिखाई दे रहा था. उनका यह अंदाज लोगों के बीच सुर्खियां बना रहा. बता दें की सिंधिया क्षेत्र में भ्रमण के दौरान चश्मा नहीं पहनते थे. लेकिन इस दौरे में उन्होंने जो चश्मा पहना है, जिसने उनकी सुंदरता पर चार चांद लगा दिए.

किसानों के दिए 30 लाख के स्वीकृति पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अशोकनगर आ रहे हैं. इससे पहले क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर पहुंचे. यहां बहादुरपुर तहसील के झागर बमुरिया सहित अन्य गांव में 3 दिन पहले आगजनी से करीब 1500 बीघा गेहूं जल गया था. इसकी जानकारी सिंधिया को मिली तो उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम बदल दिए. वे गुरुवार को सीधे झागर बमुरिया पहुंचे. वहां जिन किसानों की फसल जली थी, वे सभी मौजूद थे. सिंधिया ने किसानों से मुलाकात की. उन्होंने फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपए की स्वीकृति पत्र भी किसानों को सौंपे.

ट्वीट कर जताया सीएम का आभार
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ''जब भी आप पर कोई आपदा आएगी, तीन दिन के भीतर मैं या कलेक्टर स्वयं आपके पास होंगे.'' सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विशेष आभार जताया. उन्होंने 'X' पर ट्वीट कर त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया. सिंधिया ने कहा, ''मेरे पूर्वज माधो महाराज जी भी यही करते थे, मैं भी वही कर रहा हूं.''

  दुख के समय में सदैव आपके साथ खड़ा रहूंगा
उन्होंने किसानों के नुकसान पर गहरी चिंता जताई. कहा, ''मैं हर किसान भाई-बहन के साथ खड़ा हूं. केंद्र और राज्य सरकार से हरसंभव मदद दिलाऊंगा.'' पिछले साल ओलावृष्टि के समय भी सिंधिया ने क्षेत्र का दौरा किया था. तब भी उन्होंने खेतों में जाकर स्थिति देखी थी. मुख्यमंत्री के सहयोग से 48 घंटे में सर्वे और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी करवाई थी.

कांग्रेस के 60-70 सालों में जो नहीं हुआ, यहां 72 घंटे में कर दिखाया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने झागर बमुरिया गांव में पहुंचकर गेहूं की फसल में हुए नुकसान को लेकर किसानों को मुआवजा प्रमाण पत्र बांटे. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि, ''कांग्रेस की 60-70 साल की सरकार में खराव हुई फसलों का सर्वे तक नहीं होता था. लेकिन यह भाजपा की सरकार है, और 72 घंटे में ही पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि के प्रमाण पत्र बांटे गए.''

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