कोलकाता ने चेन्नई के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

चेन्नई
चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच आईपीएल 2025 का 25वां मुकाबला खेला जा रहा है। एमए चिदंबरम स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में एमएस धोनी पहली बार जारी सीजन में चेन्नई की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। क्योंकि नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ कोहनी में फ्रेक्चर के कारण आईपीएल के बचे हुए सीजन से बाहर हो गए। चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है, टीम ने 5 मैच खेले हैं और सिर्फ एक में जीत हासिल की है। वहीं दूसरी तरफ कोलकाता की टीम ने 5 मैच खेलते हुए दो में जीत दर्ज की है।
कोलकाता ने जीता टॉस
कोलकाता ने चेन्नई के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है।
पॉइंट्स टेबल में कौन आगे
चेन्नई सुपर किंग्स की टीम पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर मौजूद है। टीम ने पांच खेलते हुए चार गंवाए हैं और सिर्फ एक जीत सकी है। वहीं कोलकाता की टीम पांच मैच खेलते हुए दो जीती है और तीन गंवाए हैं।

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति