नियम व विवादों की उधेड़बुन में फंसी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ, भर्ती इसी महीने होगी शुरू

शिमला
नियम व विवादों की उधेड़बुन में फंसी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 6297 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। प्री नर्सरी कक्षाओं वाले स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों को सरकार ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षक का पदनाम दिया है। इसी महीने इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

भर्तियों को लेकर अब कोई विवाद नहीं
हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक निगम के माध्यम से यह भर्तियां की जाएगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में बीते रोज आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में भर्तियों के मामले पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भर्तियों को लेकर कोर्ट ने जो रोक लगाई थी वह हट गई है। अब इसमें कोई विवाद नहीं है। इलेक्ट्रानिक निगम ने बताया कि कंपनियों का चयन कर लिया गया है। विभाग से अधिकारिक आदेश आने का इंतजार है। आदेश आते ही वह इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर देंगे।

शिक्षा मंत्री ने प्रक्रिया शुरू कराने के दिए निर्देश
 शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली को निर्देश दिए हैं कि इसके लिए प्रक्रिया जल्द शुरू करवाए। अब प्रारंभिक शिक्षा विभाग स्कूल वाइज वैकेंसी देगा। बुधवार को सरकारी अवकाश खत्म होते ही इसके लिए फाइल मूवमेंट शुरू हो जाएगी। इस महीने के अंतिम सप्ताह तक इसके लिए आवेदन मांग लिए जाएंगे। हालांकि यह भर्तियां कंपनियों के माध्यम से ही करवाई जाएगी।

दो साल का डिप्लोमा होगा अनिवार्य
इस भर्ती में नर्सरी टीचर एजुकेशन डिप्लोमा, प्री स्कूल एजुकेशन या अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन प्रोग्राम में दो साल का डिप्लोमा जरूरी है। यह डिप्लोमा नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन से मान्यता प्राप्त संस्थान से हासिल किया हुआ होना चाहिए। आवेदकों के डिप्लोमा और अन्य कागजातों की जांच स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कारपोरेशन करेगा। जो भी शिक्षक नियुक्त होंगे, प्रारंभिक शिक्षा विभाग पर उनका कोई दायित्व नहीं होगा। 12वीं कक्षा में 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में पांच प्रतिशत की छूट रहेगी। 21 से 45 वर्ष की आयु वाले इसके लिए पात्र होंगे। उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा।

जयराम सरकार में शुरू हुई थी प्रक्रिया, विवादों में फंसी रही
पूर्व जयराम सरकार ने इसके लिए सबसे पहले भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। मामला विवादों में उलझ गया। उसके बाद चुनावी आचार संहित लगने के चलते प्रक्रिया रूक गई। सत्ता परिवर्तन के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन मामला कोर्ट पहुंचा और प्रक्रिया रोकनी पड़ी।

10 हजार होगा पारिश्रमिक, बिना सरकार की अनुमति के नहीं निकाले जा सकेंगे
विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक तय किया गया है। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च भी शामिल हैं। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति