आईआईए के नैटकॉन-2025 के उपलक्ष्य में वीआईटी मेों पौधरोपण, 300 पौधों के साथ बायोडायवर्सिटी पार्क ट्रांसोम की शुरुआत

भोपाल.
वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) द्वारा आयोजित  नैटकॉन- 2025 (NATCON 2025)  के उपलक्ष्य में शनिवार को एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास लगभग 300 पौधे लगाए गए, जिनमें औषधीय, फलदार, सजावटी और स्थानीय प्रजातियों के पेड़ शामिल थे। यह आयोजन यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसीडेंट श्री शंकर विश्वनाथन जी के जन्मदिन (13 अप्रैल) को समर्पित था।​

यह पहल वीआईटी के ग्रीन कैंपस और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाती है।​ कार्यक्रम की खास बात थी  ट्रॉंसोम (TRANSOM)  बायोडायवर्सिटी पार्क की शुरुआत, जो न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी होगा, बल्कि छात्रों के लिए एक खुला क्लासरूम भी बनेगा, जहां वे प्रकृति से सीख सकेंगे।​ इस कार्यक्रम में प्रो-वाइस चांसलर डॉ. टी. बी. श्रीधरन, सभी डीन, फैकल्टी, छात्र, एनएसएस स्वयंसेवक और सोशल मीडिया टीम समेत सभी ने उत्साह से भाग लिया।​

वीआईटी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर की डीन, डॉ. शीतल शर्मा ने कहा: "यह सिर्फ पेड़ लगाना नहीं है, बल्कि एक सोच है – प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की और अगली पीढ़ी को एक हरित भविष्य देने की। TRANSOM (ट्रॉंसोम) पार्क इसका उदाहरण बनेगा।"​

कार्यक्रम में आईआईए के सदस्य भी शामिल हुए और उन्होंने इस पहल की सराहना की।डॉ. शीतल. शर्मा ने NATCON 2025 (नैटकॉन- 2025) और आईआईए  द्वारा ग्रीन डेवलपमेंट के लिए चलाए जा रहे की भी तारीफ की। उन्होंने आर्किटेक्ट जितेन्द्र मेहता और उनकी पर्यावरणीय सोच की सराहना की, साथ ही आर्किटेक्ट अक्षय सेलुकर और उनकी टीम के योगदान का भी उल्लेख किया।​

वीआईटी प्रबंधन की पर्यावरण के प्रति जागरूक सोच और स्मार्ट विकास की भी प्रशंसा हुई। यूनिवर्सिटी लगातार हरियाली और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की ओर बढ़ रही है।​कार्यक्रम में दुनिया भर से आए मशहूर आर्किटेक्ट्स ने भी हिस्सा लिया, जैसे:​

  • मरियाना कबुगुएरा (UK)​
  • हसन रग़ाब (USA)​
  • अनुपमा कुंडू (Germany)​
  • लॉरेंस वोंग (Foster + Partners)​
  • पलिंदा कन्ननगरा (Sri Lanka)​

कार्यक्रम के बाद पूरे VIT परिवार ने मिलकर वाइस प्रेसीडेंट श्री शंकर विश्वनाथन जी का जन्मदिन मनाया ।इस  अवसर पर केक काटा गया और सभी ने इस खास दिन को खुशी से सेलिब्रेट किया।​ और श्री विश्वनाथन के लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन की कामना की।

यह आयोजन पर्यावरण, शिक्षा और नेतृत्व के प्रति यूनिवर्सिटी की सोच का एक सुंदर उदाहरण बना। आईआईए नैटकॉन -2025 (IIA NATCON 2025)  के सहयोग से यह स्पष्ट हुआ कि जब वास्तुकला प्रकृति से जुड़ती है, तो वह समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाती है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति