दिग्विजय सिंह ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी और संघ को जिम्मेदार ठहराया

इंदौर
कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अंबेडकर जयंती पर इंदौर पहुंचे। जहां उन्होंने मीडिया से चर्चा की और कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। दिग्विजय सिंह ने वक्फ बिल के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया। वहीं गद्दार पोस्टर को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। वहीं बाबा साहेब अंबेडकर जयंती मनाने पर भाजपा को निशाने पर लिया।

पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी जिम्मेदार

दिग्विजय सिंह ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए बीजेपी और संघ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ऐसे कुछ संगठन जो नफरत फैलाते हैं जो दंगे फसाद करवाते हैं। उन्हें क्यों इजाजत दी जाती है, जुलूस के रूप में डीजे लगाकर मस्जिद के सामने से निकलने की। ऐसे संगठन को प्रशासन मंजूरी क्यों देता है। डबल इंजन सरकार की मानसिकता है नफरत फैलाकर दंगे करवाकर राजनीतिक रोटी सेकना। भाजपा और संघ का धर्म से कोई लेना देना नहीं है। नफरत फैलाकर दंगे फसाद करवाकर उसके आधार पर राजनीति रोटी सेकना बीजेपी और संघ का असली धर्म है।

भाजपा ने बाबा साहब के विचारों का कभी पालन नहीं किया- दिग्विजय सिहं

दिग्विजय सिंह ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मीडिया से की चर्चा करते हुए कहा कि मुझे इस बात की प्रशंसा है बीजेपी और संघ आज बाबा साहब आंबेडकर को सम्मान के नजरों से देख रहे हैं। संघ ने तिरंगा जलाया संविधान का विरोध किया। हमेशा बीजेपी ने नफरत के अंदाज में राजनीति की है। बाबा साहब के विचारों का पालन बीजेपी ने कभी नहीं किया। दलितों की जमीन दबंग छीन रहे हैं, बीजेपी मौन है।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति