इंदौर :रणजीत हनुमान मंदिर पर आज चलित भंडारा, एक लाख से ज्यादा भक्तों के लिए प्रसाद वितरित की जाएगी

इंदौर

रणजीत हनुमान मंदिर पर आज चलित भंडारा होगा। एक लाख से ज्यादा भक्तों के लिए प्रसाद वितरित की जाएगी। मंदिर में फूल बंगला भी सजेगा। भगवान का सुंदर शृंगार होगा। मंदिर में लगातार बढ़ती भक्तों की संख्या को देखते हुए इस बार भी चलित भंडारा करने का निर्णय लिया गया।

मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया शाम को भगवान की आरती और छप्पन भोग अर्पित करने के बाद भंडारे की शुरुआत होगी। इस बार भक्त अपने घर भी प्रसादी ले जा सकेंगे। मंदिर के ग्राउंड में बैठाकर प्रसादी खिलाने की व्यवस्था नहीं रहेगी। क्योंकि इससे मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़ ज्यादा बढ़ जाती है और उन्हें घंटों प्रसादी के लिए इंतजार करना पड़ता है।

राम भाजी, नुक्ती और पूरी का खास पैकेट

उन्होंने बताया कि भक्तों को चलिए भंडारे में प्रसादी देने के लिए पैकेट की व्यवस्था रहेगी। ग्राउंड में आने के साथ ही एक काउंटर से भक्तों को एक थालीनुमा पैकेट मिलेगा जो तीन खन का रहेगा। दूसरे काउंटर से राम भाजी, अगले काउंटर से चार से पांच पूरी और चौथे काउंटर से नुक्ती उस पैकेट में परोसी जाएगी। इस पैकेट में ही उसका ढक्कन भी होगा, जिसे बंद करने के बाद भक्त आसानी से उसे ले जा सकेंगे। प्रसादी के लिए 70 क्विंटल से ज्यादा आटा, 160 डिब्बे तेल, 65 डिब्बे शुद्ध घी, 800 क्विंटल बेसन और 16 बोरी शक्कर और मसाले लगेंगे। एक लाख से ज्यादा भक्त प्रसादी ग्रहण करेंगे। चलित भंडारा शाम से शुरू होकर रात तक चलेगा।

पिछले साल हुए हादसे से लिया सबक

दरअसल पिछले साल 1 मई को आयोजित भंडारे में एक युवक की प्रसाद वितरण के दौरान मौत हो गई थी। इस हादसे में विजय (48) पुत्र सुंदरलाल प्रजापत निवासी गोविंद कॉलोनी मल्हारगंज रात 11.15 बजे पुलिस लाइन से कैंपस में आने के बाद चक्कर खाकर गिर गए थे। यहां मौजूद कार्यकर्ताओं की सहायता से उन्हें बाहर लाकर यूनीक हॉस्पिटल भेजा गया था। यहां डाक्टरों ने साइलेंट अटैक से मौत की पुष्टि करते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में जिला प्रशासन ने भगदड़ और धक्का मुक्की वाले घटनाक्रम को पूरी तरह अफवाह बताया था।

गेट नहीं खोलने से हुआ था हादसा, बेकाबू थी भीड़

इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी जय निवासी स्कीम नंबर 71 ने बताया था कि वह 8 बजे से लाइन में लगा था। पहली बार भंडारे में आए थे। उनके आगे ही कुछ दूरी पर विजय खड़े थे। मंदिर प्रशासन पास वाले को अंदर एंट्री दे रहा था। रात करीब 11:15 बजे वह गेट के पास पहुंचे ही थे। इस दौरान गेट खोलने को लेकर भगदड़ हुई। जिसमें विजय घबराकर वहीं गिर गए। कुछ लोग उन पर चढ़ते हुए बाहर निकले। कुछ लोग वहीं जमीन पर गिर गए। वहां लगे बैरिकेड्स भी टूट गए। घबराहट में विजय बाहर ही नहीं निकल पाए। इसके बाद चार लोगों ने उन्हें उठाकर बाहर निकाला और अस्पताल भेजा। जय ने बताया कि वह 20 सालों से रणजीत हनुमान मंदिर पर दर्शन करने जा रहे हैं। लेकिन ऐसा हादसा देखकर डर गए। उनके मुताबिक वह भी इस दौरान दबते हुए बचे।

 

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