मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बंगाल हिंसा पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी खामोश

 हरदोई
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सहित कई जिलों में भड़की हिंसा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है. योगी ने कहा कि बंगाल हिंसा पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी खामोश है.

योगी आदित्यनाथ ने हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल जल रहा है. वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे.

योगी ने कहा कि इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है. बंगाल जल रहा है लेकिन वहां की मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं. अरे लातों के भूत, बातों से कहां मानने वाले हैं. सेक्युलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे दी है. पूरा मुर्शिदाबाद एक हफ्ते से जल रहा है लेकिन सरकार मौन है.

उन्होंने कहा कि दंगाई डंडे से ही मानेंगे, जिसे बांग्लादेश पसंद है, वो बांग्लादेश चला जाए. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बंगाल हिंसा पर खामोश है. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. दंगाई डंडे से ही मानेंगे. इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए. मैं धन्यवाद करना चाहूंगा वहां के न्यायालय को जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की व्यवस्था करने का कदम उठाया है.

बता दें कि सबसे पहले शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के सूती में हिंसा की शुरुआत हुई थी. उसके बाद जंगीपुर से पुलिसबल मौके पर पहुंचा और हालात संभालने में जुट गया. इसी दौरान सूती से 10 किमी दूर शमशेरगंज में भी बवाल की खबरें आईं. हालांकि, पुलिसबल सूती में हाइवे से जाम हटवाने में जुटा रहा. पुलिस शमशेरगंज तक नहीं पहुंच पाई और वहां हिंसा का ताडंव मचा रहा. ऐसे में सेंट्रल फोर्स BSF को उतरना पड़ा, तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था.

दोपहर से शुरू हुई हिंसा देर रात तक चलती रही. जब मालदा और बहरामपुर से फोर्स आई और इन इलाकों में पहुंची, तब हिंसा पर काबू पाया जा सका. भीड़ ने पहले नेशनल हाइवे 34 जाम किया. जब पुलिस ने उन्हें हटाना शुरू किया तो पत्थरबाजी होने लगी. पुलिस ने फिर आंसू गैस छोड़ी. लाठीचार्ज किया. दो दिन पहले भी मुर्शिदाबाद पुलिस पर हमला हुआ था. तब प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी थी. एनआरसी के दौर में भी मुर्शिदाबाद में जबरदस्त हिंसा देखने को मिली थी.

दरअसल, मुर्शिदाबाद में शुक्रवार की नमाज के बाद वक्फ विधेयक के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर पड़े और नेशनल हाइवे 34 ब्लॉक कर दिया था. जब पुलिस ने नेशनल हाइवे से अवरोध हटाने की कोशिश की तो पुलिस के साथ एक तरह से जंग छिड़ गई. ठीक उसी समय मुर्शिदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर शमशेर गंज में भी नेशनल हाइवे पर हजारों की संख्या में लोग आ गए थे.

 

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