हाईवे को सिक्सलेन बनाने की मांग को लेकर संत प्रेमदास महाराज गोहद धरने पर बैठे , तबीयत बिगड़ी, बीपी बढ़ा

भिंड
हाइवे को सिक्सलेन बनाने, गो अभ्यारण की मांग को लेकर शहर के खंडा रोड पर संतों का अखंड आंदोलन छठवें दिन भी जारी रहा। इस मांग को लेकर आठ संतों की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। वहीं अन्न त्यागकर धरने पर बैठे संत प्रेमदास महाराज गोहद की अचानक से तबीयत बिगड़ गई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों का कहना था कि संत का बीपी बढ़ा हुआ है। अखंड आंदोलन के छठवें दिन कांग्रेस के उपनेता प्रतिपक्ष एवं अटेर विधायक हेमंत कटारे मंगलवार को कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने संतों के समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया।

उपनेता प्रतिपक्ष कटारे ने कहा कि मुझे कल ही पता चला कि कुछ संतों ने हाइवे की मांग को लेकर अन्न का त्याग दिया है। ये सुनते मुझसे रहा नहीं गया। मुझे यहां आने में देरी हुई, इसके लिए आप मुझे क्षमा करें। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे संतों से निवेदन करते हुए कहा कि गर्मी बहुत है आप लोग अगर कुछ खाएंगे नहीं तो बीमार पड़ जाएंगे। अगर आप लोगों को कुछ हो गया तो यह चंबल संभाग ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए शर्म की बात होगी। उन्होंने कहा कि आप तो आदेशित करें। मुझे नहीं लगता कि किसी भी जनप्रतिनिधि में आपके आदेश की अवहेलना करने का साहस होगा। इसका जवाब देते हुए संत समाज के जिलाध्यक्ष कालिदास महाराज ने कहा कि हम चाहते हैं कि जिस तरह से अटेर के विधायक यहां आए हैं। इसी तरह से जिले के सभी विधायक यहां आएं और हाइेव को सिक्सलेन बनाने और गो अभ्यारण की मांग को जोरशोर से उठाएं। रही बात आंदोलन समाप्त करने की तो जब तक हमें इस हाइवे का निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा इसका पत्र नहीं मिल जाता ये आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

हाइवे क्रमांक 719 की देश में मौत के हाइवे के नाम से पहचान बन रही
कटारे कांग्रेस उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि ग्वालियर से इटावा हाइवे क्रमांक 719 की देश में मौत के हाइवे के नाम से पहचान बन रही है। हम सभी जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर इस कलंक को मिटाने के लिए प्रयास करने होंगे। मैं, किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों को संतों के बीच में खड़ा होना चहािए। मुझे नहीं लगता कि इस हाइवे के निर्माण को लेकर मिलने वाले आश्वासनों से कुछ होगा। अब समय आ गया है कि हाइवे निर्माण का काम शुरू कब से होगा इसका दिनांक तय होना चाहिए।

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