पीडीपी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने नेकां पर भाजपा का वक्फ अधिनियम पर साथ देने का लगाया आरोप

श्रीनगर
वक्फ बिल जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां)और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) के बीच वाकयुद्ध तेज होता जा रहा है। मंगलवार को पीडीपी की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने नेकां पर भाजपा का वक्फ अधिनियम पर साथ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि नेकां और भाजपा दोनों एक दूसरे का रणनीतिक रूप से साथ दे रही हैं, सिर्फ दिखावे के लिए एक दूसरे के खिलाफ नजर आती हैं। नेकां प्रवक्ता तनवीर सादिक ने भी पलटवार करते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि सत्ता के लिए कौन भाजपा की गोद में बैठा था, हमने कभी भी जम्मू कश्मीर के हितों के साथ कुर्सी के लिए समझौता नहीं किया।

नेकां-भाजपा की आपस में सांठ-गांठ: इल्तिजा
पत्रकारों के साथ बातचीत में इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा और नेकां दोनों की आपस में सांठ-गांठ हैं। दोनों एक दूसरे का विरोध सिर्फ दिखावे के लिए और एक दूसरे को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए करते हैं। असलियत मं दोनों एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि नेकां को सिर्फ सत्ता से मतलब है कि इसके लिए वह कुछ भी कर सकती है।

मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट पर पूछा सवाल
इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि नेकां केा जम्मू कश्मीर और इसके लोगों से कोई मतलब नहीं है। सभी जानते हैं कि नेकां के शासनकाल में मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट में क्या क्या हुआ है, पीडीपी संस्थापक स्व मुफ्ती मोहम्मद सईद ने इसे नेकां की चंगुल से मुक्त कराकर इसके कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लायी है।

इल्तिजा ने वक्फ बिल पर नेकां को घेरा
इल्तिजा मुफ्ती कहा कि एक तरफ नेकां के सदस्य सदन में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हंगामा करते हैं और दूसरी तरफ नेकां अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर स्पीकर को सही ठहराते हैं। एक तरफ वह कहते हैं कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस पर प्रदेश विधानसभा में चर्चा नहीं हो सकती और दूसरी तरफ अनुच्छेद 370 के मामले पर वह ऐसा नहीं करते।

इल्तिजा ने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव लेकर आए हैं, जम्मू कश्मीर नहीं। जब जम्मू कश्मीर विधानसभा के सत्र मं वक्फ बिल पर हंगामा हो रहा था, मुख्यमंत्री ट्यूलिप गार्डन में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ टहल रहे थे। पांच अगस्त 2019 और उसके बाद केंद्र सरकार ने जो कुछ जम्मू कश्मीर मे किया है, नेकां उसे सामान्य बनाने, उसे न्यायोचित्त साबित करने का प्रयास कर रही हे।

नेकां ने भी इल्तिजा पर किया पलटवार
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता तनवीर सादिक ने दैनिक जागरण के साथ फोन पर कहा कि इल्तिजा मुफ्ती को पहले पीडीपी और इसके नेताओं का इतिहास अच्छी तरह से जान लेना चाहिए। पीडीपी ने ही भाजपा को जम्मू कश्मीर में सत्ता तक पहुंचाया और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के लिए भाजपा का मौका दिया।

तनवीर सादिक ने कहा कि पीडीपी ने ही सत्ता के लिए भाजपा का साथ दिया है। पीडीपी के नेता ही सत्ता के लिए भाजपा की गोद में बैठे हैं,नेकां नहीं। उन्होंने कहा कि पीडीपी- भाजपा गठबंधन सरकार के समय, जब महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री थीं तो उनके कैबिनेट मंत्री जो भाजपा से जुड़े हुऐ थे, अपनी वाहन पर जम्मू कश्मीर राज्य का ध्वज नहीं लगाते थे, 13 जुलाई को शहीदी दिवस के अधिकारिक समारोह से वह गायब रहते थे, लेकिन पीडीपी सत्ता के लिए चुप रहती थी।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने जो कानून लाया है, वह मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट कश्मीर पर लागू नहीं होता। वक्फ बोर्ड और मुस्लिम औकाफ ट्रस्ट दोनों अलग अलग हैं। बेहतर है कि इल्तिजा मुफ्ती पहले अपना होमवर्क अच्छी तरह से पूरा कर लिया करें।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति