राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला

नई दिल्ली
दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल 2025 का 32वां मुकाबला खेला जा रहा है। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में दिल्ली की टीम एक बार फिर से जीत की पटरी पर लौटना चाहेगी। अक्षर पटेल के नेतृत्व वाली टीम ने जारी सीजन में 5 मैच खेलते हुए सिर्फ एक मुकाबला गंवाया और 4 में जीत दर्ज की है। वहीं दूसरी तरफ राजस्थान की टीम सिर्फ दो मैच जीत पाई है। संजू सैमसन की अगुवाई वाली टीम ने चार मुकाबला गंवाए हैं और पॉइंट्स टेबल में आठवें स्थान पर है।

राजस्थान रॉयल्स ने जीता टॉस
राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है।

राजस्थान के बल्लेबाजों को दिखाना होगा दम
राजस्थान रॉयल्स की समस्या प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है। यशस्वी जायसवाल सिर्फ पिछले मैच में आरसीबी के खिलाफ अर्धशतक बना सके हैं। कप्तान सैमसन अभी तक एक भी अच्छी पारी नहीं खेल पाये जबकि रियान पराग और ध्रुव जुरेल का बल्ला भी खामोश है।

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति