विधानसभा अध्यक्ष देवनानी पहुंचे उदयपुर, अरविन्दसिंह मेवाड़ को अर्पित की श्रद्धांजलि

जयपुर,

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी बुधवार को उदयपुर प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय आयोजनों में भाग लिया।

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी बुधवार सुबह विमान से डबोक एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से सर्किट हाउस पहुंचे। श्री देवनानी ने सिटी पैलेस स्थित शंभु निवास पहुंच कर उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के अरविन्दसिंह मेवाड़ के निधन पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्री देवनानी ने दिवंगत अरविन्दसिंह मेवाड़ के पुत्र डॉ लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ सहित परिवारजनों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त की। इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष गीतांजलि अस्पताल पहुंचे तथा वहां उपचाररत राजस्व मंत्री हेमन्त मीणा के पिता पूर्व केबिनेट मंत्री श्री नंदलाल मीणा की कुषलक्षेम जानी। इसके अलावा श्री देवनानी ने उदयपुर में ही नारायणलाल शर्मा के निवास पर पहुंचकर उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति