प्रदेश में शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूल में हो नामांकन

भोपाल
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रयास होना चाहिये कि प्रदेश के शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूल में नामांकन हो। इसके लिये उन्होंने टीम वर्क के साथ काम करने के निर्देश दिये। उन्होंने अनेक जिलों में अब तक कराये गये नामांकन की जानकारी प्राप्त की। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग के जो अधिकारी-कर्मचारी श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे, उनका सार्वजनिक रूप से सम्मान किया जायेगा। कार्य के प्रति गैर-जिम्मेदार रहने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह गुरुवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस से विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर शिक्षा को नई दिशा दें। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

नामांकन दर बढ़ाने के दिये निर्देश
मंत्री श्री सिंह ने एक अप्रैल, 2025 से शुरू हुए प्रदेशव्यापी प्रवेश उत्सव की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अप्रैल अंत तक स्कूल जाने योग्य बच्चों का नामांकन हो जाये, यह सुनिश्चित किया जाये। मंत्री श्री सिंह ने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की जानकारी भी ली। मंत्री श्री सिंह ने अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना के लिये जल्द पोर्टल शुरू किये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता की मैपिंग का कार्य जल्द पूरा किया जाये।

टाइम टेबल बनाकर करें हॉस्टल्स का निरीक्षण
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने विभाग के हॉस्टल्स का निर्धारित टाइम टेबल बनाकर निरीक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल में सुरक्षा के इंतजामों की समीक्षा की जाये। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूलों के विभिन्न कार्यों में विधायक और सांसद निधि का उपयोग किया जाये।

जिम्मेदार कड़ी के रूप में काम करें अधिकारी
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि जिला और राज्य स्तर के अधिकारियों के बीच संभागीय अधिकारी कड़ी के रूप में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र का निरंतर दौरा करें। कार्यालयों में लंबित पेंशन और अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाये। उन्होंने कहा कि जून माह में संभाग और जिला स्तर पर पदस्थ अधिकारियों के साथ पुन: समीक्षा की जायेगी। स्कूल सचिव डॉ. गोयल ने बताया कि शिक्षकों के उपस्थिति पोर्टल पर अटेंडेंस का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया जायेगा।

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