पाकिस्तान आर्मी चीफ पर भारत का पलटवार, कश्मीर से पाकिस्तान का बस एक ही रिश्ता

इस्लामाबाद
भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर दो-राष्ट्र सिद्धांत और कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए पलटवार किया है। मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कश्मीर का पाकिस्तान के साथ एकमात्र संबंध अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्र को खाली करना है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने दो-राष्ट्र सिद्धांत के मुद्दे को उठाते हुए इस बात पर जोर दिया था कि भारत और पाकिस्तान दो अलग-अलग राष्ट्र हैं।

इस्लामाबाद में बुधवार को ओवरसीज पाकिस्तानी कन्वेंशन में अपने संबोधन में असीम मुनीर ने पाकिस्तानी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को बताएं कि राष्ट्र का जन्म कैसे हुआ। मुनीर ने कहा, ''…हमारे पूर्वजों ने सोचा था कि हम जीवन के हर संभव पहलू में हिंदुओं से अलग हैं। हमारा धर्म अलग है, हमारे रीति-रिवाज अलग हैं, हमारी परंपराएं अलग हैं, हमारे विचार अलग हैं, हमारी महत्वाकांक्षाएं अलग हैं। यहीं से दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव रखी गई। हम दो राष्ट्र हैं, हम एक राष्ट्र नहीं हैं।"

अपने संबोधन में पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने कश्मीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर को पाकिस्तान से अलग नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, "हमारे पूर्वजों ने बहुत त्याग किया है और हमने इस देश के निर्माण के लिए बहुत त्याग किया है और हम जानते हैं कि इसकी रक्षा कैसे करनी है।" उन्होंने आगे कहा, “मेरे प्यारे भाइयों और बहनों और बेटे और बेटियों, कृपया पाकिस्तान की कहानी मत भूलना और अपनी अगली पीढ़ी को पाकिस्तान की कहानी सुनाना मत भूलना, ताकि पाकिस्तान के साथ उनका रिश्ता कभी कमजोर न पड़े। चाहे वह तीसरी पीढ़ी हो, या चौथी पीढ़ी हो या पांचवीं पीढ़ी हो, वे जानते हैं कि पाकिस्तान उनके लिए क्या है।”
'भारत को पाकिस्तान से घनिष्ठ संबंध बनाने की उम्मीद छोड़ देनी चाहिए'

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की हालिया टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि अब समय आ गया है कि भारत सच्चाई को स्वीकार करे और पाकिस्तान से घनिष्ठ संबंध बनाने की उम्मीद छोड़ दे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''अपने हालिया संबोधन में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच गहरी वैचारिक खाई है।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह साफ हो चुका है कि हमारे रास्ते अलग हैं। ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम अपने राष्ट्र को मजबूत करें, अपने धर्म और सभ्यतागत मूल्यों को बनाए रखें। ऐसा करके ही हम अपने देश को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

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