महासमुंद : अधिकारी सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का त्वरित , गुणवत्तापूर्ण और गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करेंगे

 महासमुंद

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज सभी जिला अधिकारियों की बैठक लेकर सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का त्वरित गुणवत्तापूर्ण और गंभीरता पूर्वक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार,समाधान शिविर, मोर दूआर साय सरकार आदि की तैयारी की समीक्षा की।

ज्ञात है कि सुशासन तिहार के पहले चरण में 08 अप्रैल से 13 अप्रैल 2025 तक महासमुंद जिले के पांचों जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों से कुल 1 लाख 80 हजार 212 आवेदन प्राप्त हुए।

 इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे। सभी जनपद, नगरीय निकाय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।

कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले के सभी पांच जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में सुशासन तिहार का प्रथम चरण 08 से 11 अप्रैल 2025 तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस चार दिवसीय जनभागीदारी अभियान में नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए अपनी समस्याएं एवं आवश्यकताओं को लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई।ग्राम पंचायतों से लेकर नगर पंचायत कार्यालयों तक आमजन ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन निर्धारित समाधान पेटियों में जमा किए गए। जिनका निराकरण संबंधित विभागों द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।     

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की साफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जा रहा है और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि सोमवार से नियमित तौर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। आगामी तीन दिन में सभी आवेदन पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करें। प्राप्त आवेदनों का अवलोकन कर उन्हें संबंधित विभागों को आगामी तीन दिन में भेज दिया जाए।कलेक्टर ने कहा कि 30 अप्रैल तक सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों को प्राप्त आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आवेदनों के निराकरण में गंभीरता बरते।

  कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की आठ से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर लगाया जाएगा। निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी। समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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