राज्यपाल आनंद बोस ने आश्वासन दिया है कि वह इन सभी मांगों पर ध्यान देंगे और उचित प्राधिकारी से इस पर चर्चा करेंगे

मालदा
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस शुक्रवार को मुर्शिदाबाद और मालदा में हिंसा प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में शांति स्थापित करना है। मालदा दौरे पर मीडिया से बात करते हुए राज्यपाल ने कहा, "हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाना है और समाज में शांति स्थापित करना है। मैं यहां शिविरों में रह रहे लोगों की शिकायतों को सुनूंगा, उनकी भावनाओं, संवेदनाओं और जरूरतों को समझूंगा। फिर मैं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करूंगा, जल्द से जल्द उनकी शिकायतों का निवारण करूंगा। मैं पहले शिविर में रह रहे लोगों के अनुभव साझा करूंगा, फिर बाद में कोई प्रतिक्रिया दूंगा।"
मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान बेघर हुए पीड़ित परिवारों ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस से मुलाकात की थी। उन्होंने पीड़ित परिवारों की आपबीती सुनी। मुलाकात के बाद राज्यपाल ने मीडिया से कहा था, "मुर्शिदाबाद के पीड़ित खासकर महिलाएं मुझसे मिलने आईं। उन्होंने अपने संघर्ष की कहानियां सुनाईं, जो बहुत ही दुखद थीं। मैं खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां जाऊंगा। इसके बाद ही मैं भविष्य की कार्रवाई पर निर्णय ले सकूंगा। मेरा दृष्टिकोण पूरी तरह निष्पक्ष होगा। अब केंद्रीय बलों की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में है।"
पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, "हमने राज्यपाल से मिलकर कुछ खास मांगें रखीं। पहली मांग क्षतिग्रस्त घरों और दुकानों के पुनर्निर्माण की है, जिसे मुख्यमंत्री ने पहले ही स्वीकार कर लिया है। हमने ये मांगें राज्य के डीजीपी के समक्ष भी रखी हैं।"
उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वह इन सभी मांगों पर ध्यान देंगे और उचित प्राधिकारी से इस पर चर्चा करेंगे। राज्यपाल ने पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री को जमीनी स्तर की स्थिति से अवगत करा दिया है। उन्होंने राजभवन में एक शांति कक्ष भी खोला है। उल्लेखनीय है कि वक्फ कानून में संशोधनों के खिलाफ राज्य के कई जिलों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा मामले में अब तक 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

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