सुशासन तिहार :तत्काल बना श्रमिक कार्ड, ट्राइसिकल मिलने पर दिव्यांग सुदर्शन ने कहा – संवाद से समाधान की खुली राह

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेशवासियों के लिए संवाद से समाधान की पहल की है। तीन चरणों में आयोजित सुशासन तिहार अपने दूसरे चरण में पहुंच चुका है जिसमें लोगों से मिले आवेदनों का मिशन मोड में निराकरण किया जा रहा है। यह सरकार की पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने की सार्थक पहल है। यह न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह नागरिकों और सरकार के बीच विश्वास की मजबूत नींव भी रखता है। सुशासन तिहार में डिजिटल तकनीकों का उपयोग नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरल, त्वरित और प्रभावशाली बना रहा है।

सुशासन तिहार के अंतर्गत रायगढ़ जिले में भी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा रहा है। ननसिया के सुन्दरलाल उरांव तथा श्रीमती अनीता बाई ने श्रमिक पंजीयन और श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था। इसका तत्काल निराकरण करते हुए उनका पंजीयन कर श्रमिक कार्ड प्रदान किया गया। साथ ही उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं और पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई जिससे वे योजनाओं का लाभ ले सकें। श्रम विभाग द्वारा महतारी जतन, छात्रवृत्ति, नोनी सशक्तिकरण, मृत्यु पर परिवार को सहायता, सियान योजना, पेंशन योजना, साइकिल, सिलाई मशीन तथा अन्य उपकरण प्रदान करने से संबंधित अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिक पंजीयन कराकर पात्र हितग्राही इनका लाभ ले सकते हैं।

श्रमिक कार्ड बन जाने से खुश सुन्दर लाल उरांव ने कहा कि उसके आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करते हुए श्रम कार्ड बनाकर दे दिया गया। सुशासन तिहार के इस आयोजन के लिए वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहते है कि श्रमिक कार्ड बनने से अब उन्हें श्रम विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

दिव्यांग सुदर्शन को मिली ट्राइसिकल

समाज कल्याण विभाग द्वारा पुसौर विकासखंड के ग्राम पंचायत ओड़ेकेरा के सुदर्शन खडिय़ा के आवेदन पर कार्यवाही करते हुए ट्राइसिकल एवं बैसाखी प्रदान किया गया। सुदर्शन 80 प्रतिशत दिव्यांग है जिसके चलते उसे कहीं भी आने-जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुदर्शन ने कहा कि ट्रायसिकल मिलने से अब उसकी दूसरों पर निर्भरता कम होगी और उसे आने-जाने में सहूलियत होगी। उन्होंने सुशासन तिहार के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस पहल ने आमजन के लिए संवाद से समाधान की नई राह खोली है।

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