अपने गांव में किसान बने एकनाथ शिंदे, इस बार लगाया विदेशी पौधा, जानें इसके फायदे

मुंबई
 महाराष्ट्र में मनसे चीफ राज ठाकरे और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे के एक होने की अटकलों से जहां राजनीति गर्म है तो वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे साथ छोड़कर अलग हुए एकनाथ शिंदे किसान अवतार के लिए सुर्खियों में हैं। तीन दिन के लिए अपने सतारा स्थित अपने दरे गांव पहुंची डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की खेतों में फावड़ा चलाने की तस्वीरें सामने आई हैं। शिंदे ने अपने गांव के खेतों में इस बार विदेशी पौधे को लगाया। शिंदे ने इस एवोकाडो नाम के इस विदेशी पौधे के फायदे भी गिनाए हैं। एवोकाडो, जिसे हिंदी में रूचिरा या मक्खनफल भी कहा जाता है।

शिंदे ने किया नया प्रयोग
शिवसेना प्रमुख और राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने रविवार को अपने गांव में सहकर्मियों के साथ मिलकर नए पेड़ लगाए। शिंदे ने पिछले दौरों में स्ट्रॉबेरी, हल्दी, चीकू और बांस के पौधे लगाए थे। इस साल उन्होंने पहली बार एक विदेशी फल एवोकाडो, लगाने का निर्णय लिया। शिंदे ने उन्होंने फावड़े और कुदाल का उपयोग करके स्वयं एक एवोकाडो का पेड़ लगाया। उन्होंने अपने खेत में यह प्रयोग इस आशा के साथ किया है कि यदि यह प्रयोग स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी एवोकाडो फल की खेती में सफल होता है, तो यह स्थानीय किसानों को भी वैकल्पिक फसल के रूप में एवोकाडो की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

नए प्रयोग से नई फसल उगेगी
डिप्टी सीएम शिंदे इससे पहले सतारा जिले के महाबलेश्वर तालुका में कोयना नदी के तट को काफी उपजाऊ बता चुके हैं। वह कहते आए हैं कि दरे गांव के आसपास की मिट्टी बहुत अच्छी है। इसमें उगाई जाने वाली कोई भी फसल अच्छी तरह से उगती है। इसलिए उन्हें पूरा विश्वास है कि यहां एवोकाडो की खेती का यह प्रयास अवश्य सफल होगा। यदि ऐसा होता है, तो उनका मानना है कि इस क्षेत्र के किसान, जो स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे जामुन उगाते हैं, एवोकाडो की खेती के माध्यम से एक और नई नकदी फसल पा सकेंगे। इसीलिए उन्होंने अपने खेतों में इस प्रयोग को सफल बनाने का प्रयास किया है। इस अवसर पर उनके साथ दरे गांव के ग्रामीणजन और शिंदे के सभी साथी उपस्थित थे।

एवोकाडो के क्या हैं फायदे?
एवोकाडो का तेल त्वचा और बालों के लिए अच्छा होता है। एक बहु-उपयोगी फल है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह स्वस्थ वसा, फाइबर, और विटामिन से भरपूर होता है जो हृदय स्वास्थ्य, पाचन, और आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। एवोकाडो में पोटेशियम, मैग्नीशियम, और अन्य महत्वपूर्ण खनिज भी पाए जाते हैं। इतना ही नहीं एवोकाडो में अनसैचुरेटेड फैट होता है जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है। इसके अलावा यह फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और कब्ज से राहत दिलाता है।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति