इंदौर, रीवा, ग्वालियर-चंबल संभाग में लू का अलर्ट; भोपाल-उज्जैन भी तपेंगे

भोपाल
 मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी रीवा और सागर संभाग में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। खासकर, सीधी, सतना, सिंगरौली, टीकमगढ़ और छतरपुर जिले सर्वाधिक गर्म रहे। सोमवार को सीधी जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार रहा। जबकि, एमपी के 27 शहरों में यह 40 डिग्री या इससे अधिक है। मंगलवार को भी इंदौर भोपाल सहित पूरे प्रदेश में तेज धूप है।

यहां हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने इंदौर, ग्वालियर, रीवा और चंबल संभाग के 9 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। जबकि, भोपाल, उज्जैन, सागर और जबलपुर संभाग में तेज गर्मी पड़ेगी। मंगलवार को अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, शिवपुरी, सीधी, सिंगरौली, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिले में हीटवेव चल सकती हैं।

9 जिलों में 42 डिग्री के पार पारा
भोपाल में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री से 0.5 डिग्री लुढ़ककर 40.1 डिग्री पर रहा। दिन में 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलीं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि तेज हवा के चलते तपिश कम थी। जबकि, रात के तापमान में अपेक्षाकृत 0.4 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सीधी और टीकमगढ़ सहित 9 जिलों में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया।  

अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया कि मंगलवार का राजस्थान-गुजरात से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। भोपाल, ग्वालियर और इंदौर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में अगले पांच दिन तापमान में बढ़ोतरी संभव है।

प्रदेश के 9 सबसे गर्म शहर

    सीधी 44.6
    सतना 43.6
    टीकमगढ़ 3.5
    नौगांव 43.2
    रीवा 43.0
    दमोह 42.5
    मंडला 42.5
    शिवपुरी 42.2
    उमरिया 42.1

अगले 3 दिन कैसा रहेगा MP का मौसम?

    23 अप्रैल: मंदसौर नीमच अलीराजपुर बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में तेज गर्मी पड़ेगी।
    24 अप्रैल: मंदसौर नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीटवेव चलेंगी। अन्य जिलों में भी गर्मी पड़ेगी।
    25 अप्रैल: मंदसौर, नीमच, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चलेगी। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भीषण गर्मी पड़ सकती है।

गर्म हवाएं चलने की वजह से सीधी में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले रविवार को यहां तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया था। सीधी के बाद सतना और टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी रही। सतना में 43.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 43.5 डिग्री, नौगांव में 43.2 डिग्री, रीवा में 43 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, मंडला, शिवपुरी, उमरिया, मलाजखंड, सागर, खरगोन, खजुराहो, सिवनी, नरसिंहपुर, गुना, रतलाम, नर्मदापुरम, रायसेन, खंडवा, बैतूल, धार और छिंदवाड़ा में भी तेज गर्मी रही।

बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में पारा सबसे ज्यादा 41.9 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 40.7 डिग्री, भोपाल में 40.1 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और इंदौर में पारा 39.6 डिग्री रहा।

पारे में बढ़ोतरी का दौर रहेगा सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर तेज रहेगा। मंगलवार को लू का अलर्ट भी है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति