गुलाम नबी आजाद ने कहा- मस्जिदों से आतंकियों के खिलाफ पहली बार बोल रहे इमाम, पूरा कश्मीर गुस्से में बंद

श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों के कत्ल पर पूरे देश में उबाल है। यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक समेत कई राज्यों के लोगों को आतंकियों ने मजहब पूछकर मार डाला। आतंकियों ने हर उस शख्स को मौत के घाट उतार दिया, जो कलमा नहीं पढ़ पाए और अपना धर्म इस्लाम से अलग बताया। कश्मीर में लंबे समय बाद ऐसा हुआ, जब पर्यटकों पर आतंकवादियों ने इस तरह हमला कर दिया। इससे कश्मीर में टूरिजम इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा सरकार की ओऱ से बीते एक दशक में जो भरोसा कायम करने की कोशिश हुई है, उसे भी बौखलाए आतंकियों ने कमजोर करने की कोशिश की है।

इस बीच पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने हमले की निंदा की है तो वहीं यह भी कहा कि कश्मीर अब काफी बदल चुका है। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में लोगों को आतंकवादियों का कोई डर नहीं है। सब लोग खुलकर उनकी निंदा करते हैं। गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'पहले कश्मीर में ऐसी घटनाओं की निंदा किया जाना दुर्लभ बात थी। ऐसा शायद इसलिए होता था क्योंकि कश्मीर के लोगों को उग्रवादियों का डर होता था कि यदि उनके खिलाफ बोले तो जान खतरे में आ जाएगी। लेकिन ऐसा पहली बार मैं देख रहा हूं कि आतंकी हमले से पूरे कश्मीर में लोग सदमे और शोक में है। हर गांव, जिला और शहर में बंद का आयोजन किया गया है। सन्नाटा पसरा है।'

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि एक समय तो ऐसा था कि जम्मू-कश्मीर की कुछ मस्जिदों से उग्रवादियों के समर्थन में भाषण दिए जाते थे। उन्हें सहयोग करने की माइक पर अपील की जाती थी। लेकिन पहली बार देख रहा हूं कि मस्जिदों से इमाम आतंकियों के खिलाफ बोल रहे हैं। वे आतंकियों की खुलकर निंदा कर रहे हैं। बता दें कि हमले को लेकर गुलाम नबी आजाद ने दुख जताया है। उन्होंने मंगलवार को ही कहा था कि नरेंद्र मोदी सरकार के दौर में आतंकी घटनाओं पर लगाम कसने में मदद मिली है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हालात भी काफी बदले हैं। उनका कहना था कि यह हमला देश और जम्मू-कश्मीर के बीच कायम हुए भरोसे को तोड़ने वाला है।

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