भाजपा के विज्ञापन पर बरसे अखिलेश यादव, बोले- आतंकी हमले में भी आपदा में अवसर ढूंढ रही

लखनऊ
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद 'आपदा में अवसर' ढूंढने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि पार्टी अपनी सत्ता के सिवा और किसी की सगी नहीं है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की गई पोस्ट में भाजपा पर पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर 'बचकाना विज्ञापन' जारी करने का आरोप लगाया। भाजपा ने भी पलटवार करते हुए सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

अखिलेश ने अपनी पोस्ट में कहा कि भाजपा ने जम्मू कश्मीर के बेहद दर्दनाक हादसे पर बचकाना विज्ञापन छापकर साबित कर दिया है कि भाजपाइयों की संवेदना उन लोगों के प्रति शून्य है, जिन्होंने अपना जीवन खोया है और जिनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने पोस्ट में कहा कि भाजपा अब ये विज्ञापन हटवा भी देगी तो भी उसका ये पाप उसके कट्टर समर्थक तक माफ नहीं करेंगे। भाजपा हमेशा आपदा में अपनी सत्ता और सियासत के लिए अवसर ढूंढती है। भाजपा अपनी सत्ता के सिवा किसी की सगी नहीं है। घोर निंदनीय! सपा प्रमुख ने हालांकि अपनी पोस्ट के साथ कोई विज्ञापन टैग नहीं किया है लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि उनका इशारा भाजपा की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा अपने 'एक्स' हैंडल से पोस्ट की गई एक तस्वीर की तरफ था। इस तस्वीर में हमले के बाद के एक दृश्य का 'एनिमेटेड' स्वरूप दिखाया गया है और साथ में लिखा है 'धर्म पूछा, जाति नहीं।'

जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती भाजपा
अखिलेश ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि जब जम्मू कश्मीर में भाजपा सरकार ने सब कुछ अपने मन मुताबिक़ किया है तो वो इतने अधिक लोगों की असामयिक मौत के लिए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। ये केंद्र सरकार की नाकामी है कि वो पहले से पता नहीं कर पायी कि देश के दुश्मन इतनी वीभत्स घटना को अंजाम देनेवाले हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये कोई पहली बार नहीं हुआ है, भाजपा सरकार ने अगर पिछले हमलों से सबक लिया होता तो वो पहले से ही सचेत-सजग रहती और ऐसे हमलों को रोका जा सकता था, लोगों के जीवन को बचाया जा सकता था। संवेदनहीन भाजपाइयों से आग्रह है कि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनका दुख-दर्द समझकर कम-से-कम देश की सुरक्षा को तो जुमला न बनाएं। ये असीम दुःख की घड़ी है, इसको भाजपाई दिखावटी बैठकों से और झूठी संवेदनाओं से झुठलाने का कुकृत्य न करें।

जब पर्यटकों को बुला रहे तो सुरक्षा क्यों नहीं की गई
अखिलेश ने कहा कि भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के खिलाफ देश भर के करोड़ों लोगों के मन में उठ रहा 'गहरे दुख, रोष और क्रोध से भरा' ये आक्रोशित सवाल गलत नहीं है कि 'अगर भाजपाई और उनके संगी-साथी देश भर के पर्यटकों को जम्मू कश्मीर के भ्रमण पर जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं तो उनकी सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध पहले से क्यों नहीं किये गये'?

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जहां हमला हुआ वो कोई निर्जन स्थान नहीं था बल्कि एक चर्चित पर्यटन स्थल था, तभी तो वहां देश के कई प्रदेशों के पर्यटक उपस्थित थे। इतने प्रसिद्ध स्थान पर सुरक्षा के लिए बैठकें पहले करनी चाहिए थी, लोगों के जीवन गंवाने के बाद नहीं। ये भाजपा सरकार की रणनीतिक चूक भी है लेकिन इससे उन भाजपाइयों को क्या फर्क पड़ता है जो स्वयं तो सुरक्षा के कई घेरों में चलते हैं लेकिन देशवासियों को मौत के मुंह में धकेल देते हैं।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर भाजपा सरकार ये बहाना करती है कि हमारे पास सुरक्षा बलों की कमी है, तो इसके लिए भी भाजपा सरकार ही जिम्मेदार है। सुरक्षा बलों की संख्या घटाकर, दोयम दर्जे के सुरक्षा उपकरणों, अस्त्र-शस्त्र व युद्ध वाहनों को खरीदकर तथा अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर भाजपा देश की सुरक्षा से जो समझौता कर रही है, वो क्षम्य नहीं है।'' उन्होंने कहा कि इस घटना के प्रतिशोध का कोई भी दावा, अब जनता को बहका नहीं सकता क्योंकि कोई भी प्रतिक्रिया, मृतकों के जीवन को वापस नहीं ला सकती है। जिस परिवार ने जो खो दिया, सो खो दिया। सच तो ये है कि न तो देश की आजादी में भाजपाई और उनके संगी-साथियों ने कोई योगदान दिया न वो देश की आजादी को बचाने में कोई योगदान दे रहे हैं। लाख माफी मांगने पर भी भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों को न तो हमारे भारत देश का इतिहास माफ करेगा, न भविष्य। सपा प्रमुख ने पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में हमारी सच्ची संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है।

अखिलेश पर भाजपा का पलटवार
वहीं, सपा प्रमुख के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव और पार्टी के राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि एक ऐसी पार्टी जो हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त रही है। इस समय भी राजनीति कर रही है, जब हम सभी को एक स्वर में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ बोलना चाहिए। लेकिन, मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं अखिलेश जी कि आपकी तरह हम तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करेंगे। बल्कि हमारी सरकार इस कायराना हमले के दोषियों को मुंहतोड़ जवाब देगी।
 

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