पाकिस्तान मिसाइल टेस्ट तैयारी में था, उससे पहले ही भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS सूरत ने दिखा दी Destroyer की ताकत

नई दिल्ली
 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बुधवार की शाम केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच सख्त ऐक्शन लेते हुए सिंधु जल समझौता रोक दिया है और अटारी बॉर्डर को बंद कर दिया है। इससे पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान अपनी सैन्य तैयारियां तेज करते हुए सतह से सतह में मार करने वाली मिसाइल के परीक्षण में जुट गया, ताकि वह भारत को यह दिखा सके कि वह युद्ध के मोर्चे पर टकराने को तैयार है लेकिन पाकिस्तान यह टेस्ट करता, उससे पहले ही भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS सूरत ने अरब सागर में मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (MR-SAM) वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली Destroyer का सफल परीक्षण किया है।

यानी पाकिस्तानी नौसेना अरब सागर में अभी सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने को सोच ही रही थी, तभी भारत ने अपनी ताकत दिखा दी। इस दौरान INS सूरत ने अरब सागर के ऊपर तेजी से उड़ने वाले टारगेट पर MR-SAM मिसाइल प्रणाली से सटीक निशाना साधा और उसे नेस्तनाबूद कर दिया। MR-SAM सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों और अन्य हवाई लक्ष्यों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है।

अरब सागर में हवा में सटीक निशाना
इस परीक्षण के बाद भारतीय नौसेना ने X पर लिखा, "भारतीय नौसेना के नवीनतम स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक INS Surat ने समुद्र में लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, जो हमारी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में एक और मील का पत्थर है।" नेवी के एक बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना के नवनिर्मित स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस सूरत ने समुद्र में स्थित एक लक्ष्य पर सफलतापूर्वक सटीक हमला किया है जो नौसेना की रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

स्वदेश निर्मित है गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर
नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह उपलब्धि स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन, विकास तथा संचालन में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती है, और रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह उपलब्धि देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए भारतीय नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भर भारत के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

पी15बी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर परियोजना का चौथा और अंतिम जहाज आईएनएस सूरत दुनिया के सबसे बड़े और सबसे परिष्कृत विध्वंसकों में से एक है। इसमें 75% स्वदेशी सामग्री है और यह अत्याधुनिक हथियार-सेंसर पैकेज और उन्नत नेटवर्क-केंद्रित क्षमताओं से लैस है। इससे पहले, भारतीय नौसेना के जहाज INS चेन्नई और INS केसरी AIKEYME अभ्यास के पहले संस्करण के सफल समापन के बाद दार एस सलाम से रवाना हुए थे। भारतीय नौसेना द्वारा एक बयान में कहा गया है कि ये जहाज 19 अप्रैल को वहां से रवाना हुए थे।

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