भारत ने स्क्रैमजेट इंजन के एक्टिव कूल्ड कम्बस्‍टर का जमीन पर 1000 सेकंड तक सफल परीक्षण किया

नई दिल्ली
भारत ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। स्क्रैमजेट इंजन के एक्टिव कूल्ड कम्बस्‍टर का जमीन पर 1000 सेकंड तक सफल परीक्षण किया है। हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से पांच गुना ज्यादा तेजी से उड़ती हैं। यानी ये मिसाइलें Mach 5 से भी तेज होती हैं। राक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) ने हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

दुनिया की बड़ी ताकतें इन मिसाइलों को बनाने में जुटी हैं क्योंकि ये मौजूदा मिसाइल और हवाई सुरक्षा प्रणालियों को चकमा दे सकती हैं। मिसाइल की खासियत है कि इसकी तेज रफ्तार, बेहतरीन कंट्रोल और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता।

इससे पहले गुरुवार को भारतीय नौसेना ने अपने बनाए स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सूरत ने समुद्र में तेजी से उड़ाने वाले टारगेट पर सटीक हमला किया है। स्वदेशी निर्देशित मिसाइल Destroyer ने समुद्र में टारगेट को हिट किया। इस उपलब्धि से नौसेना और भी ज्यादा ताकतवर हो चुकी है। यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को दिखाता है।

भारत ने किया INS सूरत से सफल परीक्षण
बता दें कि पाकिस्तान भी इसी इलाके में मिसाइल टेस्टिंग करने जा रहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने नोटिफिकेशन जारी किया था। पाकिस्तान ने अरब सागर क्षेत्र में मिसाइल परीक्षण करने का एलान किया है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति