किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : कृषि मंत्री कंषाना

मंदसौर में 3 मई को होगी एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव : कृषि मंत्री कंषाना

किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : कृषि मंत्री कंषाना

किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि आगामी 3 मई को मंदसौर में एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। मालवांचल सहित प्रदेश में कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं। सरकार द्वारा उन्नत फसलों और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप प्रदान कर बिजली के बिल के बोझ से मुक्त करने के लिए भी कार्य कर रही है। किसान, खेती की नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें और नवाचारों से प्रेरणा लें। इस उद्देश्य से कृषि पर केन्द्रित कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है।

मंत्री कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश का किसान सम्पन्न होगा तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा। राज्य सरकार युवा, महिला और किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। एग्रीकल्चर कॉन्क्लेव में आधुनिक कृषि तकनीकों व उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कृषि के साथ खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित जानकारी मिलेगी।

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी संभागों में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों का उद्देश्य किसानों को कृषि, खाद्य प्र-संस्करण, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित नवीनतम जानकारी और तकनीक से अवगत कराना है। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। राज्य सरकार ने अगले तीन साल में प्रत्येक साल में 10 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को ऊर्जादाता बनने में मदद मिलेगी। सरकार ने इसके लिए अभियान शुरू कर दिया है और किसानों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।

मंत्री कंषाना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप राज्य सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता किसान और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिया है। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। 'मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन में अब कृषि से जुड़े विभागों की योजनाएं एक मंच पर समन्वित रूप से क्रियान्वित होंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हरसंभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौ-पालकों की आय बढ़ाने के साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति