अखिलेश बोले- पहलगाम में बहे खून का हिसाब चाहिए, ‘आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए, पूरा देश सरकार के साथ’

लखनऊ
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए और पूरा देश सरकार के साथ है। यादव ने कुशीनगर पहुंचकर पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती एवं पूर्व जिलाध्यक्ष शुकरूल्ला अंसारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्टी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए, पूरा देश सरकार के साथ है।

पहलगाम की चूक अब नहीं दोहरानी चाहिए: अखिलेश
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार ठोस कदम उठाएगी। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकवादी हमले की घटना बेहद दुःखद और निन्दनीय है। हम सभी लोग उत्तर प्रदेश से लेकर गुजरात, हरियाणा और देश के अन्य राज्यों के पीड़ित परिवारों के साथ हैं। यादव ने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जो फैसले लिए है उसमें सभी सरकार के साथ हैं। पूरा देश चाहता है कि भविष्य में पहलगाम जैसी घटना न हो। उन्होंने कहा कि सरकार को हर तरह से समर्थन है और उम्मीद है कि भविष्य में सुरक्षा में कोई चूक नहीं होगी….।

अग्निवीर से टूटा युवाओं का भरोसा, मनोबल पर चोट: अखिलेश
यादव ने कहा कि देश का हर नागरिक बड़े, बुजुर्ग, बच्चे सभी लोग इस घटना से चिन्तित है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। हमें उम्मीद है कि देश की सुरक्षा, सीमाओं की रक्षा और अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार ने जो आश्वासन दिया है, उस पर अमल करेगी। यादव ने कहा कि हमारी फौज बहुत बहादुर है लेकिन भाजपा सरकार ने सेना में अग्निवीर योजना लाकर नौजवानों का मनोबल गिराने का काम किया। नौजवान सेना में रहकर देश की सेवा करना चाहता है। पक्की वर्दी और पक्की नौकरी चाहता है। कुशीनगर, गाजीपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों के गांवों के तमाम नौजवान फौज में जाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी करते थे, लेकिन अग्निवीर योजना आने से नौजवानों में निराशा है।

5 करोड़ और नौकरी के बाद ही जाऊंगा शुभम के घर: अखिलेश
एक सवाल के जवाब में यादव ने कहा कि उनकी पार्टी के लोग कानपुर में शुभम द्विवेदी के घर गए थे। शुभम उन 26 लोगों में शामिल था जो पहलगाम में आतंकवादी हमले में मारे गए थे। सपा प्रमुख ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से शुभम के घर नहीं गए लेकिन इसे राजनीति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवारों को 5 करोड़ रूपए और सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए कहा कि जिस दिन सरकार 5 करोड़ रूपए और सरकारी नौकरी दे देगी उसी दिन वह भी कानपुर के शहीद शुभम द्विवेदी के घर जाएंगे।

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