पाकिस्तान का बचाव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का बयान

असम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारतीय धरती पर पाकिस्तान का बचाव करने के आरोप में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस हमले में 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस हमले के बाद, असम में पाकिस्तान का बचाव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "अब तक 22 देशद्रोही गिरफ्तार किए गए हैं।" यह बयान उन्होंने रविवार रात तक की स्थिति के आधार पर दिया, जब गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की संख्या 19 थी। गिरफ्तार लोगों में प्रमुख विपक्षी पार्टी के विधायक अमीन-उल-इस्लाम भी शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पहलगाम हमले में पाकिस्तान और उसके समर्थन का राजद्रोह के तहत बचाव किया।

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की संभावना
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के प्रावधान भी लगाए जा सकते हैं। उन्होंने इस संदर्भ में कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच कोई समानता नहीं है। दोनों देश दुश्मन देश हैं और हमें ऐसे ही रहना चाहिए।”

पहलगाम आतंकवादी हमला
यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था, जब सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले पहलगाम क्षेत्र के बैसरन पर्यटक स्थल पर आतंकवादियों ने हमला किया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर लोग पर्यटक थे। यह हमला जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा किए गए सबसे भयावह हमलों में से एक था।

पाकिस्तान के समर्थन का बचाव करने के आरोप
गिरफ्तारी किए गए लोगों में प्रमुख नाम अमीन-उल-इस्लाम का है, जो AIUDF के विधायक हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने इस हमले में पाकिस्तान और उसकी मिलीभगत का बचाव किया। इस संदर्भ में राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को यह भी कहा था कि, अगर परिस्थितियां जटिल होती हैं, तो गिरफ्तार आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें NSA जैसे प्रावधान भी शामिल हो सकते हैं।

कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक कदम
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह के देशद्रोह और राजद्रोह के मामलों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है और ऐसे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते दुश्मनी वाले हैं, और देश के अंदर पाकिस्तान का समर्थन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

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