खाद्य मंत्री बोले, नरवाई जलाने से रोकने के लिए आधुनिक यंत्रों का उपयोग जरूरी

भोपाल.
किसानों की आर्थिक उन्नति और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी, किसानों के नवाचार का सम्मान और मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ सागर में दो दिवसीय जिला स्तरीय मिलेट्स फूड फेस्टिवल सह कृषि मेला का शुभारंभ हुआ। प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मेले का उद्घाटन कर किसानों से संवाद किया। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती लता वानखेडे, विधायक शैलेंद्र जैन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं किसान शामिल हुए।

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि अब तक समर्थन मूल्य पर उपार्जन किए गए अनाज का 118 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। शेष भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। किसानों को बारदाने की कमी न हो, इसके लिए विशेष पहल करते हुए सागर जिले के लिए दो स्पेशल ट्रेनें भेजी जा रही हैं। इससे उपार्जन में आ रही परेशानियों का समाधान होगा।

सुपरसीडर और हैप्पीसीडर का उपयोग कर किसानों को किया प्रेरित
मंत्री राजपूत ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में नरवाई जलाने की प्रथा को बंद करें। इससे भूमि की उर्वरकता खत्म होती है और पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। उन्होंने किसानों को सुपरसीडर और हैप्पीसीडर जैसे यंत्रों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया, जो नरवाई को भूसे में बदलकर खेत में मिलाते हैं। मंत्री स्वयं प्रदर्शनी में इन यंत्रों पर बैठे और किसानों से इन तकनीकों को अपनाने की अपील की। मंत्री राजपूत ने कहा कि हमारे पूर्वज मोटे अनाज का सेवन कर स्वस्थ और दीर्घायु जीवन जीते थे। उन्होंने किसानों से मोटे अनाज (मिलेट्स) के उत्पादन और उपभोग को बढ़ाने का आग्रह किया।

नवाचारशील किसानों का हुआ सम्मान
मंत्री राजपूत ने सागर जिले के नवाचारशील किसान आकाश चौरसिया और आनंद जैन का उदाहरण देते हुए किसानों से अपील की कि वे इनके फॉर्म हाउस का अवलोकन करें और आधुनिक तथा प्राकृतिक खेती की तकनीकें सीखें। इस अवसर पर कई उन्नत किसानों को प्रमाण-पत्र, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। सागर जिले में आयोजित मिलेट्स फूड फेस्टिवल और कृषि मेले ने यह संदेश दिया कि सरकार किसानों की समृद्धि के लिए न केवल नीतियाँ बना रही है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए भी प्रयासरत है। प्राकृतिक खेती, मिलेट्स उत्पादन और सौर ऊर्जा जैसी पहलें भविष्य में किसानों की आर्थ‍िक स्थिति को और सशक्त बनाएंगी।

मिलेट्स को दें बढ़ावा, स्वास्थ्य के साथ आमदनी भी बढ़ाएं : डॉ. लता वानखेड़े
सागर संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने भी किसानों को मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने तथा नई तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2023 को 'अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष' घोषित किया गया था, जिसके तहत देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा को अपनाएं : शैलेंद्र जैन
विधायक शैलेंद्र जैन ने किसानों को सुझाव दिया कि वे रासायनिक दवाओं का कम से कम उपयोग करें और अधिक से अधिक औषधीय फसलों का उत्पादन करें। उन्होंने सौर ऊर्जा के उपयोग पर भी बल दिया। विधायक ने कहा कि सौर ऊर्जा से न केवल सिंचाई में सुविधा होगी, बल्कि बिजली की लागत भी बचेगी, जिससे किसानों की आमदनी दोगुनी हो सकती है।

कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में कृषि यंत्रों और तकनीकों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई थी। इसमें किसानों ने सुपरसीडर, हैप्पीसीडर, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, जैविक खाद निर्माण तकनीक सहित अन्य नवीनतम साधनों की जानकारी प्राप्त की।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति