सरोजिनी नायडू महाविद्यालय भोपाल में विवाह एवं परिवार परामर्श केन्द्र का शुभारम्भ

भोपाल

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय में "विवाह एवं परिवार परामर्श केन्द्र" की स्थापना के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। परमार ने कहा कि महाविद्यालय का यह अभिनव प्रयास, भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगा और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए अभिप्रेरणा का आदर्श केंद्र बनेगा। मंत्री परमार ने कहा कि परिवार, राष्ट्र की प्रथम इकाई है, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र का मौलिक सृजन होता है। राष्ट्र के सांस्कृतिक सृजन में, पारिवारिक मूल्यों एवं मौलिक संस्कारों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। विवाह संस्कार, सनातन के 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। विवाह संस्कार के पालन एवं कुटुम्ब में सौहार्दपूर्ण समन्वय, वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता भी है। मंत्री परमार ने कहा कि यह केंद्र, पारिवारिक मूल्यों के सांस्कृतिक संवर्धन एवं संरक्षण में अपनी महती उपयोगिता सिद्ध करेगा।

भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय में, सोमवार को जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष डॉ. भारती कुंभारे सातनकर एवं प्राचार्य डॉ. दीप्ति श्रीवास्तव ने "विवाह एवं परिवार परामर्श केन्द्र" का शुभांरभ किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएं उपस्थित थीं। प्रकोष्ठ के माध्यम से अनुभवी मनोवैज्ञानिकों, समाजशास्त्रियों एवं मध्यस्थता करने वाले व्यवसायिक परामर्शदाताओं की परामर्श एवं काउन्सलिंग छात्राओं को उपलब्ध करायी जाएगी। प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. आलोक कुमार निगम एवं सह संयोजक डॉ. संजना शर्मा हैं। "विवाह एवं परिवार" के संदर्भ में छात्राओं के मध्य परामर्श सुविधा उपलब्ध कराने के लिए, केन्द्र की स्थापना करने वाला यह महाविद्यालय, प्रदेश का प्रथम शासकीय महाविद्यालय है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान परिदृश्य में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण विवाह एवं परिवार संस्थाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जहाँ एक ओर नारी सशक्तिकरण की ओर बढ़ रही है, वहीं उसे पारिवारिक समायोजन में विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में विवाह और परिवार जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और ये बिखरती जा रही है। विवाह और परिवार जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं के विषय में महाविद्यालय की छात्राओं में जागरूकता लाने एवं नकारात्मक विचारों को हटाने के उद्देश्य से महाविद्यालय के समाजशास्त्र, समाजकार्य विभाग तथा मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में "विवाह एवं परिवार परामर्श केन्द्र" की स्थापना का अभिनव प्रयास किया गया है। परिवार में सौहार्द्रता वृद्धि और मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से, छात्राओं को बौद्धिक एवं मानसिक रूप से प्रबल करना इस प्रकल्प का ध्येय है। पारिवारिक सम्बन्धों को मजबूत करना, विवाह संबंधों को सुधारना, व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विकास, सामाजिक एवं भावनात्मक समर्थन जैसे विविध मूल्य आधारित लक्ष्यों के साथ; यह केंद्र छात्राओं को जीवन में आने वाली चुनौतियों से सामना करने में सक्षम बनाने में सहयोगी बनेगा।

 

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