स्क्रब vs पॉलिश: क्या आप भी कंफ्यूज हैं? यहां समझें दोनों का फर्क

चेहरे के साथ-साथ बॉडी को खास केयर देना चाहते हैं तो बॉडी स्क्रब और बॉडी पॉलिश काफी कारगर हो सकते हैं। एक जैसे तत्वों के साथ दोनों ही प्रोडक्ट्स ड्राई पैचेस, सेल्युलाइट्स को कम करते हैं। बॉडी पॉलिश एक्स्ट्रा केयर देते हुए स्किन को पल्म्प और हाइड्रेट करने का भी काम करता है।

बॉडी पॉलिश और बॉडी स्क्रब में काफी कुछ एक जैसा होता है। इन दोनों में ही लगभग एक जैसे तत्वों का इस्तेमाल होता है, फिर भी दोनों अलग-अलग तरह का काम करते हैं। आइए जानते हैं दोनों के बीच का फर्क और इनके फायदे।

 ये हैं अंतर

    नेचुरल एक्सफोलिएट्स में शुगर और सॉल्ट जैसी सामग्री का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, जबकि बॉडी पॉलिश में इसकी मात्रा कम होती है।
    बॉडी पॉलिश में बॉडी स्क्रब की तुलना में मॉइश्चराइज करने वाली चीजें ज्यादा होती हैं जैसे शीया बटर, ग्रीन टी, विटामिन सी।

किसे चाहिए बॉडी स्क्रब और किसे बॉडी पॉलिश

यह चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी स्किन को किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर आपकी स्किन बेहतर तरीके से मॉइश्चराइज है तो फिर उसे डीप क्लींजिंग की जरूरत है। ऐसे में बॉडी स्क्रब ज्यादा बेहतर ऑप्शन है। वहीं, स्किन बैरियर में रुकावट होने और ड्राई पैचेस की समस्या होने पर बॉडी पॉलिश का विकल्प चुना जाना चाहिए।

इस तरह मिलेगा ज्यादा फायदा

    बॉडी स्क्रब को पहले एक्सफोलिएट और फिर मॉइश्चराइज करने के लिए बनाया गया है। वैसे तो हर स्किन टाइप के लिए बॉडी स्क्रब सही है लेकिन सेंसिटिव स्किन वालों इसके इस्तेमाल सावधानी बरतना चाहिए।
    बॉडी स्क्रब का इस्तेमाल करने के दौरान डार्क पैचेस, सेल्युलाइट, डैड स्किन सेल्स वाले हिस्से पर ज्यादा फोकस करें।
    बॉडी स्क्रब को सर्कुलर मोशन में लगाने पर ब्लड फ्लो बढ़ता है और बेहतर सफाई होती है। इसे आप स्ट्रेच मार्क्स, चोट के पुराने दागों पर भी अप्लाय कर सकते हैं।
    नहाने के बाद बॉडी ऑयल या मॉइश्चराइजर लगाना ना भूलें, इससे स्किन को आराम मिलेगा।

इस तरह लगाएं बॉडी पॅालिश

    साफ स्किन पर इसे सीधे अप्लाई करें।
    ड्राई हिस्से, स्ट्रेच मार्क्स, जख्मों के निशान, असमान रंगत वाले हिस्से या फिर उन हिस्सों पर लगाएं जहां आप शेविंग करना चाह रही हैं।
    बॉडी पॉलिश लगाने के बाद साबुन या बॉडी वॉश का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे मॉइश्चराइजिंग वाला इफेक्ट भी खत्म हो जाएगा।

 

admin

Related Posts

चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति