अप्रैल माह में बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) की उपयोगिता का प्रतिशत भारतीय रेल में अव्वल

   

 भोपाल

भारतीय रेलवे में रेलवे ट्रैक मेन्टेनेंस के लिए भी मॉर्डन टेक्नोलॉजी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप रेल गति एवं एक्सल लोड की क्षमता में वृद्धि हो रही है। रेल ट्रैक को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। साथ ही गुणवत्तायुक्त रखरखाव के लिए आधुनिक तकनीक की मशीनों के इस्तेमाल से संरक्षा में वृद्धि हुई है।

    इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा नई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। इन नई तकनीक की आधुनिक मशीनों के द्वारा रेल ट्रैक के रखरखाव से संबंधित अनेकों प्रकार के कार्य सरलता से किये जाते हैं। इन नई तकनीक की मशीनों के द्वारा कार्य में लागत अत्यधिक कम आती है, और रेल ट्रैक की भारी संरचना के कार्य को भी सरल एवं सुरक्षित तरीके से सम्पादित किया जा रहा है।

     पश्चिम मध्य रेल में पाँच प्रकार की टैम्पिंग मशीन को उपयोग कर रेलवे ट्रैक का रखरखाव उच्च तकनीक से किया जा रहा है। जिसमें 3X/सीएसएम/ डब्ल्यूएसटी/एमपीटी मशीनों, बीसीएम मशीन, टी-28 मशीन (टर्नआउट रिन्युअल मशीन), यूएनआईएमएटी मशीन (टर्नआउट टैम्पिंग मशीन) एवं एफआरएम (शोल्डर ब्लास्ट क्लीनिंग मशीन) मशीन शामिल है। जिसमें 3X, सीएसएम, डब्ल्यूएसटी एवं एमपीटी मशीनों के द्वारा मेन ट्रैक का अनुरक्षण कार्य किया जाता है। जबकि बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) से ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग कार्य किया जाता है। बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) की उपयोगिता के मामले में चालू वित्तीय वर्ष के प्रथम माह में पश्चिम मध्य रेल सम्पूर्ण भारतीय रेलवे में सर्वोच्च स्थान पर है। 01 अप्रैल 2025 से 28 अप्रैल 2025 तक की अवधि में बैलास्ट क्लीनिंग मशीन (बीसीएम) की उपयोगिता का प्रतिशत 78 % रहा जो संपूर्ण 17 क्षेत्रीय रेलों में प्रथम स्थान पर है। जबकि पूर्व रेलवे दूसरे स्थान पर एवं ईस्ट कोस्ट रेलवे तीसरे स्थान पर रही।  

इस मशीनों से रेलवे में कई फायदे सिद्ध हुए हैं:-

* उच्च तकनीक के उपयोग से गति में वृद्धि।
* कॉशन ऑर्डर कम समय के लिए लेना पड़ता है।
* मेंटेनेस मे कम ख़र्चा लगता है।
* ट्रैकों की उच्च विश्वनीयता, प्रतिधारण और संरक्षा सुनिश्चित होती है ।
* उच्च गुणवत्ता के चलते कम समय में ज्यादा उत्पादन किया जा सकता है। 
* उच्च मानक ट्रैक मेंटेनेस के कारण जर्क रहित होने से यात्रियों के लिए सुविधाजनक है।

       पश्चिम मध्य रेल संरक्षा एवं सुरक्षा के लिए कृतसंकल्पित है। पमरे आधुनिककरण एवं आधुनिक मशीनों की उपयोगिता में आगे भी इसी तरह भारतीय रेलवे में अपना बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगा।

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