पाणिग्रहण संस्कार का हमारी भारतीय संस्कृति में बहुत महत्वपूर्ण स्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 नागदा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अक्षय तृतीया भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर अत्यंत हर्ष की बात है कि नागदा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। आज के दिन शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती है। पाणिग्रहण संस्कार का हमारी भारतीय संस्कृति में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत बुधवार को नागदा के अटल खेल मैदान परिसर में नगर पालिका परिषद नागदा के द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना समारोह में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समारोह में हर विवाहित कन्या के माता-पिता अपनी बेटी को एक नए जीवन की शुरुआत के लिए आशीर्वाद दे रहे है। विवाह संस्कार और रीति-रिवाज हमारी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा रहे हैं। विवाह संस्कार जन्म से पहले ही तय हो जाता है। नागदा में काफी समय से इस प्रकार के सामूहिक विवाह के कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। यह एक बहुत अच्छी पहल है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ो को अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और कर्नाटक के राज्यपाल गेहलोत ने समारोह में उपस्थित वर-वधु के बीच पहुंचकर उन्हें आशीर्वाद दिया। नव दंपत्तियों को मुख्यमंत्री विवाह योजना में शासन की ओर से दी जाने वाली राशि के चेक वितरित किये और उन्हें पौधे भी भेंट किये।

समारोह में 74 जोड़ो का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह और एक मुस्लिम जोड़े का निकाह कराया गया। विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, राजेश धाकड़, नागदा नगर पालिका अध्यक्ष संतोष ओपी गेहलोत, विजय पटेल, प्रकाश जैन, सुभाष चंद्र शर्मा, दौलत राम प्रजापत, सुल्तान सिंह शेखावत, लाल सिंह जी राणावत एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

 

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