लोक निर्माण मंत्री सिंह ने निर्माण में तेजी लाकर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिये निर्देश

इंदौर

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बुधवार को इंदौर के पीपल्या हाना क्षेत्र में निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन का भौतिक निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण में उन्होंने कार्य की वर्तमान प्रगति की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह परियोजना शासन की प्राथमिकताओं में है तथा इसे तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जायें।

मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि भवन की ड्राइंग एवं डिजाइन में हो रही देरी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। सभी डिजाइन एवं ड्राइंग 7 मई तक आर्किटेक्ट से प्राप्त करें। अन्यथा अनुबंध समाप्ति की कार्रवाई की जाएं। उन्होंने निर्माण सामग्री के अनुमोदन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि अप्रूवल में विलंब के कारण निर्माण कार्य में रुकावट आती है, तो संबंधित अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री सिंह ने पुनरीक्षित एस्टीमेट के अनुमोदन की प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा ठेकेदार के रनिंग बिलों के शीघ्र भुगतान करने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्य की गति बनी रहे। मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि इंदौर के मुख्य अभियंता (भवन) निर्माण कार्य की साप्ताहिक समीक्षा स्वयं करें और प्रमुख अभियंता के माध्यम से प्रत्येक सोमवार को निर्माण की प्रगति रिपोर्ट मंत्रालय को प्रस्तुत की जाएं। साथ ही इस रिपोर्ट की एक प्रति उनके विशेष सहायक को भी भेजी जाए।

मंत्री सिंह ने ठेकेदार को निर्देशित किया कि कम से कम 2 शिफ्टों में कार्य किया जाए और पर्याप्त मैन पॉवर तैनात रहे। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य की प्रगति का विश्लेषण साप्ताहिक आधार पर पर्ट चार्ट के माध्यम से करने के भी निर्देश दिए गए ताकि संभावित अवरोधों की पूर्व पहचान कर उनके निराकरण की योजना बनाई जा सके।

लोक निर्माण मंत्री सिंह द्वारा पहले ली गई बैठक में निर्देश दिए गए थे कि निर्माण कार्य को प्रतिदिन 3 शिफ्टों में संचालित किया जाए तथा कार्य की सतत निगरानी हेतु निर्माण स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु प्रयोगशाला में सभी आवश्यक परीक्षण उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। परियोजना के लिए नियुक्त एसडीओ और सब-इंजीनियर को पूर्णकालिक रूप से केवल इसी कार्य पर तैनात रहने और किसी अन्य कार्य में संलग्न नहीं करने के भी निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (भवन) एस आर बघेल, मुख्य अभियंता सुरेंद्र राव गोरखेडे के साथ इंदौर लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर कंसलटेंट एवं ठेकेदार के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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