मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस की दीं शुभकामनाएं

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात और महाराष्ट्र के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोमनाथ महादेव जी और श्री द्वारिकाधीश जी के आशीर्वाद से पल्लवित गुजरात की पावन धरा विकास के नए आयाम गढ़ रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल के नेतृत्व में सांस्कृतिक धरोहर, लोक कला व संस्कृति से समृद्ध गुजरात उत्तरोत्तर प्रगति करे, यही कामना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाराष्ट्र, वीरों की शौर्यगाथाओं, संतों की वाणी और जनसेवा के संकल्प की धरती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहे और नागरिकों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली का संचार हो, यही कामना है।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति