मध्य प्रदेश में विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज करने की कवायद शुरू

भोपाल

मध्य प्रदेश में तबादलों से बैन हटने के बाद अब विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को तेज करने की कवायद शुरू हो गई है, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती का कार्य एक निश्चित समय-सीमा का निर्धारण कर शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने इस समय चल रही भर्ती प्रक्रिया की अपडेट जानकारी अधिकारियों से ली।

भर्ती प्रक्रिया सरल बनाने संशोधन की भी बात

मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग , सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मण्डल के अधिकारियों के साथ बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में यह निर्देश स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों की बैठक में दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता होने पर नियमों में आवश्यक संशोधन करने और प्रक्रिया को सरल करने के संबंध में भी प्रस्ताव तैयार करें। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिए जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों के लिए परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक मलिका निगम नागर, संचालक कर्मचारी चयन मंडल संकेत मालवीय और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अनिल सुचारी की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाए। स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करे।

मंत्री बोले- प्रस्तावों को गंभीरता से लें

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों को और सुविधा दिये जाने, विभाग के चतुर्थ श्रेणी अस्पताल सहायक के 1200 रिक्त पदों की पूर्ति के लिये परीक्षा प्रारूप और पाठ्यक्रम निर्धारण करने के भी निर्देश दिये गये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 घंटे सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में बनने वाले प्रस्तावों को गंभीरता से लें।

वेतन विसंगति दूर करने के निर्देश

स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरी के लिये प्रस्ताव तैयार करें और प्रस्ताव के विषय में वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाये।  राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर करने तथा कर्मचारियों के ग्रेड-पे और एनएचएम कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समतुल्य सुविधाएं देने आदि पर विचार करने के निर्देश दिए।

 

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