किसानों के स्लॉट बुक वह पांच मई तक करा सकेंगे समर्थन मूल्य केन्द्रों पर गेहूं की तौल

भोपाल

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। गेहूँ के उपार्जन की लास्ट डेट 5 मई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 7 लाख 81 हजार 389 किसानों से 67 लाख 92 हजार 890 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है और इसके लिए लगभग 6000 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इस साल प्रदेश में लगभग 80 लाख टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है।

मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम समेत सभी संभागों में गेहूं की खरीदी जारी है जो 5 मई तक चलेगी। इस बार 2600 (न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 +175 बोनस) रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा।बता दे कि मालवा निमाड़ में इंदौर, उज्जैन संभाग के कई किसान गेहूं का उत्पादन करते हैं, लेकिन देशभर में सबसे ज्यादा सीहोर का शरबती गेहूं मशहूर है।

7. 81 लाख किसानों से 67.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ का उपार्जन

    प्रदेश में अभी तक जिला उज्जैन में 6 लाख 48 हजार 993, सीहोर में 6 लाख 25 हजार 718, विदिशा में 5 लाख 38 हजार 284, रायसेन में 5 लाख 25 हजार 172, शाजापुर में 3 लाख 55 हजार 439, राजगढ़ में 3 लाख 52 हजार 734, नर्मदापुरम में 3 लाख 42 हजार 513, भोपाल में 3 लाख 23 हजार 273।

    देवास में 2 लाख 82 हजार 360, सागर में 2 लाख 70 हजार 225, इंदौर में 2 लाख 46 हजार 432, सिवनी में 2 लाख 2 हजार 890, आगर-मालवा में एक लाख 81 हजार 129, मंदसौर में एक लाख 65 हजार 210, सतना में एक लाख 36 हजार 217, हरदा में एक लाख 26 हजार 653।

    धार में एक लाख 22 हजार 249, दमोह में एक लाख 10 हजार 321, रतलाम में एक लाख 2 हजार 67, नरसिंहपुर में 98 हजार 584, जबलपुर में 79 हजार 308, कटनी में 77 हजार 40, श्योपुर में 77 हजार 30, दतिया में 70 हजार 768, शिवपुरी में 64 हजार 782, रीवा में 61 हजार 349।

    ग्वालियर में 57 हजार 292, छतरपुर में 55 हजार 910, अशोकनगर में 49 हजार 421, पन्ना में 46 हजार 82, गुना में 45 हजार 560, मण्डला में 44 हजार 484, भिण्ड में 42 हजार 476, खण्डवा में 42 हजार 194, मैहर में 35 हजार 32, नीमच में 34 हजार 503, मुरैना में 28 हजार 967।

    बैतूल में 23 हजार 868, झाबुआ में 23 हजार 863, छिंदवाड़ा में 22 हजार 869, टीकमगढ़ में 16 हजार 975, शहडोल में 6 हजार 338, सिंगरौली में 6 हजार 239, उमरिया में 5 हजार 403, सीधी में 4 हजार 171।

    मऊगंज में 3 हजार 619, डिण्डोरी में 2 हजार 941, खरगौन में 2 हजार 914, निवाड़ी में 2 हजार 754, बालाघाट में 1 हजार 121, अनूपपुर में 832, अलीराजपुर में 245 और पांढुर्णा में 77 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।

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